कन्या फाउंडेशन ने अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के संस्थापक की मनाई जयंती।
अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद की जयंती फतेहपुर के शादीपुर मोहल्ले में कन्या फाउंडेशन के द्वारा मोहम्मद आसिफ के निवास पर मनाई गई। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद ने अपने जीवन काल में पिछड़े समाज को सही शिक्षा और आधुनिक तरीके से उनका विकास हो इसके लिए उन्होंने अपने पूरे जीवन काल में संघर्ष किया है। उन्होंने अपने जीवन काल में अंधविश्वास का विरोध कर सही राह में चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया है।
सैयद अहमद के जीवन से परिचय करवाते हुए कन्या फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ ने बताया कि उन्होंने पिछड़े समाज व अल्पसंख्यक मुस्लिम समाज को अंधविश्वास और शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए कठोर कदम उठाए थे। उन्होंने कहा कि सर सैयद अहमद के समय में पिछड़े, मुस्लिम और अल्पसंख्यक लोगों की दशा बहुत ही दयनीय थी। जिसको सुधारने के लिए उन्होंने एक यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी जिसे आज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के नाम से जाना जाता है। जो सिर्फ नाम से मुस्लिम यूनिवर्सिटी है। इस यूनिवर्सिटी में वर्तमान समय में सभी जाति धर्म के लोग शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पूर्व सभासद धीरज कुमार बाल्मीकि ने बताया कि सर सैयद ने भारत की शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय सहयोग किया है। वह चाहते थे कि भारत का हर पिछड़ा, गरीब तबके का व्यक्ति सही शिक्षा प्राप्त कर अपने आर्थिक और शैक्षिक रूप से ताकतवर बने और अंधविश्वास को छोड़कर सही राह पर चलें। मंच को संबोधित करते हुए कन्या फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष गाजी अब्दुल रहमान ने बताया कि सैयद अहमद जी ने उस समय बहुत संघर्ष किया और उस संघर्ष का लोगों द्वारा विरोध भी बहुत किया गया लेकिन उन्होंने विरोध को सहते हुए देश को एक विश्वविद्यालय दिया जिसमें पढ़कर लोग समाज के विकास को एक नई दिशा प्रदान करेंगे जिससे समाज और शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा। इस मौके पर मोहम्मद आसिफ,धीरज कुमार, संदीप पटेल, विजय बक्शी, प्रदीप साहू, अब्दुल रहमान, नदीम कुरैशी, मोहम्मद सद्दाम, समीर कुरेशी, नीलू गौतम, प्रकाश आंबेडकर, सागर, अस्सलम आदि लोग मौजूद रहे।

