कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत सम्मानित

रतलाम:- कर्नाटक के राज्यपाल महामहिम थावरचंद गेहलोत ने कहा कि जीवन में जो भी दायित्व मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वाह किया जाता है तो तरक्की अवश्य मिलती है। रतलाम में मेरा जो सम्मान हुआ है, उससे मुझे प्रेरणा मिली है कि और अच्छा काम करता रहूं। मैं स्वयं को रतलाम जिले का ऋणी मानता हॅूं। जिले के विकास के लिए जो भी जरूरी होगा, उसमें पूरा सहयोग करूंगा।

बता दें कि राज्यपाल थावरचंद गेहलोत को जेएमडी पैलेस में नगर की 25 से अधिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया, इस अभिनंदन समारोह में उन्हें शॉल-श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह आदि भेंट कर सार्वजनिक अभिनंदन किया गया। समारोह में रतलाम सांसद गुमानसिंह डामोर, समिति अध्यक्ष एवं शहर विधायक जावरा एवं रतलाम ग्रामीण विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष स्वागताध्यक्ष पद्मश्री डॉ. लीला जोशी तथा पूर्व विधायक एवं राज्यपाल के पुत्र जितेंद्रसिंह गेहलोत उपस्थित रहे।

इस अवसर पर राज्यपाल थावरचंद गेहलोत ने अपने बचपन से लेकर राजनीतिक जीवन एवं उच्चतम स्तर पर सेवा के अवसर प्राप्त होने के प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि उन्हें जो भी दायित्व मिला, उसे उन्होंने पूरे कर्तव्य निष्ठा एवं ईमानदारी से निभाया, इससे वे लगातार आगे बढ़ते गए। उन्होने कहा कि देश और दुनिया में आज पर्यावरण, आतंकवाद एवं कोरोना महामारी जैसी कई समस्याएं है, वहीं असमानता का वातावरण बढ़ रहा है। इन सबसे उबरने के लिए समरसता की महती आवश्यकता है।
रिपोर्ट रितेश कैथवास, ब्यूरो चीफ

संपादक के बारे में

रतलाम:- कर्नाटक के राज्यपाल महामहिम थावरचंद गेहलोत ने कहा कि जीवन में जो भी दायित्व मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वाह किया जाता है तो तरक्की अवश्य मिलती है। रतलाम में मेरा जो सम्मान हुआ है, उससे मुझे प्रेरणा मिली है कि और अच्छा काम करता रहूं। मैं स्वयं को रतलाम जिले का ऋणी मानता हॅूं। जिले के विकास के लिए जो भी जरूरी होगा, उसमें पूरा सहयोग करूंगा।

बता दें कि राज्यपाल थावरचंद गेहलोत को जेएमडी पैलेस में नगर की 25 से अधिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया, इस अभिनंदन समारोह में उन्हें शॉल-श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह आदि भेंट कर सार्वजनिक अभिनंदन किया गया। समारोह में रतलाम सांसद गुमानसिंह डामोर, समिति अध्यक्ष एवं शहर विधायक जावरा एवं रतलाम ग्रामीण विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष स्वागताध्यक्ष पद्मश्री डॉ. लीला जोशी तथा पूर्व विधायक एवं राज्यपाल के पुत्र जितेंद्रसिंह गेहलोत उपस्थित रहे।

इस अवसर पर राज्यपाल थावरचंद गेहलोत ने अपने बचपन से लेकर राजनीतिक जीवन एवं उच्चतम स्तर पर सेवा के अवसर प्राप्त होने के प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि उन्हें जो भी दायित्व मिला, उसे उन्होंने पूरे कर्तव्य निष्ठा एवं ईमानदारी से निभाया, इससे वे लगातार आगे बढ़ते गए। उन्होने कहा कि देश और दुनिया में आज पर्यावरण, आतंकवाद एवं कोरोना महामारी जैसी कई समस्याएं है, वहीं असमानता का वातावरण बढ़ रहा है। इन सबसे उबरने के लिए समरसता की महती आवश्यकता है।
रिपोर्ट रितेश कैथवास, ब्यूरो चीफ

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