कुलखेड़ा गांव के समीप सरहन खुर्द मार्ग में वंशीलाल बाबा के धार्मिक स्थान पर किया गया विशाल भंडारा(FTP)

कुलखेड़ा गांव के समीप सरहन खुर्द मार्ग में वंशीलाल बाबा के धार्मिक स्थान पर किया गया विशाल भंडारा

रिपोर्ट विवेक त्रिपाठी/चीफ

अमौली फतेहपुर

अमौली कस्बे से 4 किमी की दूरी में सरहन मार्ग पर आज से सैकड़ो वर्ष पूर्व घनघोर जंगल था। जहाँ पर एक वंशी नाम के मुनि महाराज ने तपस्या के दौरान समाधि लेते हुए ईश्वर में विलीन हो गए थे । कुलखेड़ा निवासी स्व0 शिवशंकर तिवारी ने उनकी याद में कार्तिक मास की दशमी को श्री रामचरितमानस का पाठ कराने की प्रथा डाल दी थी । और एकादशी को रामायण पाठ के समापन के पश्चात मेला लगने लगा था। और श्रद्धालुओं की श्रद्धा जागृत होने लगी। और भक्तों की मनोकामनाए पूर्ण होने लगीं। दशमी के दिन लोग श्रद्धा के साथ लेटकर परिक्रमा करते हुए अपने गांवो से उस धार्मिक स्थान तक पहुंचने लगे जहाँ श्री रामचरित मानस के पाठ के साथ साथ एक विशाल भण्डारे का आयोजन भी श्रद्धालु करने लगे। यह भंडारा सुबह से लेकर देर रात्रिपहर तक निरंतर चलता ही रहता है। परिक्रमा पर छोटे छोटे बच्चे भी प्रतिभागी बनते है। तथा एकादशी को लगने वाले मेले में लठ्ठ मार की दीवारी खेलने की परंपरा भी चली आ रही है। मंगलवार को आयोजित भण्डारे में वीरेन्द्र तिवारी,मिथलेश पाण्डेय, रजोल,अरविंद मिश्रा, ग्राम प्रधान सुशील कुमार, प्रदीप तिवारी ,शिवम ,सहित कई लोग मौजूद रहे।

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