गोवंश के साथ निर्दयता दिखाने वालों को चिह्रित कर कार्रवाई करे पुलिस: प्रवीण

फतेहपुर: क्षेत्र में गोवंश की सुरक्षा के लिए हम सचेत न हुए तो इनकी दशा आने वाले दिनों में और भी खराब हो जाएगी। गोवंश की दुर्दशाा हमें व्यथित करती है। खखरेड़ू थाने के पौली गांव से लेकर जयरामपुर गुरगौला के मध्य नहर में बीते कई दिनों से देखा जा रहा है कि बड़ी संख्या में मृत गोवंश पानी में बहकर इधर आ रहे हैं। गोवंश की दुर्दशा के लिए कौन जिम्मेदार है, इस संबंध में बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने एक अभियान छेड़ा हुआ है। अधिकारियों से जवाबदेही के साथ ही क्षेत्रीय लोगों से इस संबंध में मदद ली जा रही है।

जल्द ही पानी में मृत गोवंश फेंकने वालों को चिह्नित करके उन्हें दंडित कराने में समिति के स्वयंसेवक भागीदार बनेंगे, थाना क्षेत्र में पौली, गुरसंडी, रक्षपालपुर व जयरामपुर गुरगौला आदि गांवों के मध्य देखा जा रहा है कि नहर के पानी में मृत गोवंश के शव बहकर आ रहे हैं। निचली गंगा नहर में ग्रामीणों ने बुधवार को आठ मृत गोवंशी के शव बहते हुए देखे। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष व स्वयंसेवक सूचना के बाद मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के साथ मिलकर शवों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया।

हलांकि सीमित संसाधनों की वजह से ऐसा नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि नहर में पानी आने के साथ ही बीते कई दिनों से मृत मवेशियों के शव इसी प्रकार पानी में बहते हुए दिखाई देते हैं। पुलों के आस-पास शव आकर फंस जाते हैं। एक-दो की संख्या होने पर ग्रामीण इन्हें बाहर निकालकर गड्ढों में दफन करा देते हैं। एक साथ आठ-दस की संख्या में शव देखने के बाद ग्रामीणों ने भी इन्हें पानी से बाहर नहीं निकाला। बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने थानाध्यक्ष खखरेड़ू से वार्ता करते हुए

ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है जो मृत गोवंशी को पानी में फेंक देते हैं। ग्रामीणों का कहना था मृत मवेशी कहीं दूर से नहीं आए हैं। पौली, खैरई और पचीसापर गांव के आस-पास से ही इन्हें नहर में फेंका जाता है। बीडीओ विजयीपुर उज्जवल सिंह का कहना था वास्तव में बेहद गंभीर मामला है। मृत गोवंशी के साथ यह व्यवहार व्यथित करने वाला है। संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों को इस बारे में निर्देशित किया जाएगा। नहर विभाग के अधिकारियों से भी इस बारे में वार्ता की जाएगी।
रिपोर्ट वी के द्विवेदी, ब्यूरो चीफ

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