फतेहपुर: बकेवर पुलिस जब चौथे दिन भी लापता युवक की खोज नहीं कर पायी तो दवाब देकर तहरीर बदलने के बाद शनिवार को छः लोगों के विरुद्ध अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। फिलहाल नाकामयाब पुलिस का रेस्क्यू पांडु नदी में लगातार जारी है, देखते ही देखते चार दिन बीत गए, देवमई गांव निवासी कल्पना त्रिपाठी द्वारा बकेवर थाना पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया
कि 19 जनवरी की शाम करीब पांच बजे गुड्डू व चांद हसन पुत्रगण बाबू खां निवासी जलाला मजरे मुसाफा और मेरे ही पारिवारिक रज्जन पुत्र शंकर दत्त, सोनू व मोनू पुत्र छुन्नू तिवारी निवासी देवमई, बलवान सिंह पुत्र जगमोहन सिंह निवासी अवसेरीखेड़ा मेरे दरवाजे में लाठी, डंडा,धारदार बाका से लैस होकर आये थे और भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए कहाकि तेरा पति अभिषेक त्रिपाठी कहाँ है, कारण पूछने पर जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे।
तभी मेरे पति जान बचाने के लिए पीछे के दरवाजे से भागने लगे, उपरोक्त सभी लोग ने मेरे पति का पीछा करते हुए रूसी गांव के पांडू नदी तक दौड़ाया और अपहरण करके गायब कर दिया है, पत्नी ने यह भी बताया कि मेरे पारिवारिक रज्जन पुत्र शंकरदत्त आदि कि जमीन में गुड्डू,चांद हसन पुत्र बाबू खां अपनी सरिया ब्रिक फील्ड के नाम से ईट भट्ठा खोले हुए है, उसी ईट भट्ठे से सटी हुई मेरी भी जमीन है उसे लेने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे।
असफल होने पर उन्होंने मेरे पति को अपहरण करके गायब कर दिया। थानाध्यक्ष नीरज यादव ने बताया आरोपियों के विरुद्ध अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है, अभिषेक अपहरण मामले को बकेवर पुलिस रिपोर्ट दर्ज न करके लगातार उसकी पत्नी को टरका रही थी। जिसकी वजह देवमई पुलिस चौकी में तैनात दारोगा का अपहरण आरोपियों से गहरी सांठगांठ थी। परिजन और ग्रामीण पुलिस के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग कर रहे थे।
इन्ही वजहों से पीडिता की रिपोर्ट दर्ज नहीं करके टरकाया जा रहा था। बताया जाता है कि जब तहरीर बदलने का जबरियाँ दबाव डाला गया तब जाकर रिपोर्ट दर्ज की गई, क्योंकि पूर्व के तहरीर में पुलिस विभाग के लोग भी लपेटे में आ रहे थे, जिसके कारण टाल मटोल पीड़िता के साथ किया जा रहा था। घटना की जांच में पुलिस पर लापरवाही के भी आरोप लगे और किरकिरी भी हुई है।
कि 19 जनवरी की शाम करीब पांच बजे गुड्डू व चांद हसन पुत्रगण बाबू खां निवासी जलाला मजरे मुसाफा और मेरे ही पारिवारिक रज्जन पुत्र शंकर दत्त, सोनू व मोनू पुत्र छुन्नू तिवारी निवासी देवमई, बलवान सिंह पुत्र जगमोहन सिंह निवासी अवसेरीखेड़ा मेरे दरवाजे में लाठी, डंडा,धारदार बाका से लैस होकर आये थे और भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए कहाकि तेरा पति अभिषेक त्रिपाठी कहाँ है, कारण पूछने पर जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे।
तभी मेरे पति जान बचाने के लिए पीछे के दरवाजे से भागने लगे, उपरोक्त सभी लोग ने मेरे पति का पीछा करते हुए रूसी गांव के पांडू नदी तक दौड़ाया और अपहरण करके गायब कर दिया है, पत्नी ने यह भी बताया कि मेरे पारिवारिक रज्जन पुत्र शंकरदत्त आदि कि जमीन में गुड्डू,चांद हसन पुत्र बाबू खां अपनी सरिया ब्रिक फील्ड के नाम से ईट भट्ठा खोले हुए है, उसी ईट भट्ठे से सटी हुई मेरी भी जमीन है उसे लेने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे।
असफल होने पर उन्होंने मेरे पति को अपहरण करके गायब कर दिया। थानाध्यक्ष नीरज यादव ने बताया आरोपियों के विरुद्ध अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है, अभिषेक अपहरण मामले को बकेवर पुलिस रिपोर्ट दर्ज न करके लगातार उसकी पत्नी को टरका रही थी। जिसकी वजह देवमई पुलिस चौकी में तैनात दारोगा का अपहरण आरोपियों से गहरी सांठगांठ थी। परिजन और ग्रामीण पुलिस के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग कर रहे थे।
इन्ही वजहों से पीडिता की रिपोर्ट दर्ज नहीं करके टरकाया जा रहा था। बताया जाता है कि जब तहरीर बदलने का जबरियाँ दबाव डाला गया तब जाकर रिपोर्ट दर्ज की गई, क्योंकि पूर्व के तहरीर में पुलिस विभाग के लोग भी लपेटे में आ रहे थे, जिसके कारण टाल मटोल पीड़िता के साथ किया जा रहा था। घटना की जांच में पुलिस पर लापरवाही के भी आरोप लगे और किरकिरी भी हुई है।
