जनप्रतिनिधियों के विकास से कोसों दूर रहा दलित ग्राम कोरिनपुरवा

गौरिहार: कहने को तो भारत देश को स्वतंत्रता मिले 75बर्ष बीत गए हैं पर दलित ग्रामों की बदहाली आज भी ज्यों की त्यों बनी है। चंदला विधानसभा क्षेत्र में क ई ऐसे दलित ग्राम हैं जहाँ जन प्रतिनिधियों से उपेक्षित ग्रामीण सुगम रास्ते को लेकर बेहद अफसोस में डूबे हुए हैं।

ऐसा ही महकमा जिले की जनपद पंचायत गौरिहार से 13 किलोमीटर दूर पर स्थित पंचायत मालपुर से एक किलोमीटर दूरी पर बसा ग्राम कोरिनपुरवा के वासिंदो की है। जहाँ यातायात के लिए कोई भी सुगम सड़क नहीं बनवाई गई है। जिससे बरसात के दिनों जेल से भी बद्तर जिंदगी जीने पंको मजबूर है कोरिनपुरवा गांव के सैकड़ों लोग,

बीते चार दिन से हुई निरंतर असमय बरसात एवं ओला बृष्टि से पूरी तरह यातायात ठप्प हो गया है, कोरिनपुरवा गांव के चारों ओर काली मिट्टी होने के कारण नंगे पैर निकलना भी राहगीरों को मुनासिब नहीं हैै गौरतलब है कि बीते बर्ष 2018 से कोरिनपुरवा रहवासियों द्वारा शासन की मूलभूत सुविधाओं एवं सड़क निर्माण कराये जाने हेतु लगातार

जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटाकर आवेदन देकर गुहार लगाई गई है। परंतु शासन प्रशासन द्वारा कोरिनपुरवा गांव के वासिंदो की खैर के लिए कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किये गये हैं, कीचड़ युक्त दलदली रास्ते से बच्चे विद्यालय जाने में पूर्ण रुप से असक्षम है।

नतीजतन बच्चों का भविष्य खतरे में है, बच्चों के उज्जवल भविष्य एवं कोरिनपुरवा निवासी जनों के सुगम यातायात के लिए सड़क निर्माण कराये जाने हेतु मध्यप्रदेश सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी का ध्यानापेक्षित है।
रिपोर्ट महेंद्र सिंह ठाकुर 

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