दुश्मन की गोली पीठ पर नहीं छाती पर खानी है , कारगिल के शहीद के अपनी मां को अंतिम शब्द … Independent India


कारगिल में 1999 में युद्ध छिड़ने पर अपने सैनिक बेटे के भविष्य को लेकर चिंतित मां कांता देवी ने बार-बार ग्रिनेडियर यर उदय मानसिंह से घर लौट आने के लिए कहा लेकिन बेटा घर नहीं लौटा और एक दिन उसने अपनी मां से कहा दुश्मन की गोली पीठ पर नहीं छाती पर खानी है.

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