छतरपुर:- फसल गिरदावरी के लिए जियो फेंस तकनीकी के उपयोग में आने वाली समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर मध्यप्रदेश पटवारी संघ के तत्वावधान में पटवारियों ने गिरदावरी एप, सारा एप का बहिष्कार किया। इस दौरान पटवारियों ने एप लॉग आउट कर काम बंद करनें की चेतावनी दी है।
इससे लघु सिंचाई, संगणना, सीएम किसान कल्याण योजना का भौतिक सत्यापन, पीएम किसान सम्मान योजना आदि कार्य प्रभावित होंगे। इससे किसानों व ग्रामीणों को दिक्कतें झेलना पड़ सकती है। पटवारियों ने गुरुवार को तहसीलदार कमलेश कुमार कुशवाहा को एक ज्ञापन दिया और फसल गिरदाबरी में जियो टेग की अनिवार्यता समाप्त करनें की मांग की है,
मप्र पटवारी संघ तहसील इकाई बडामलहरा अध्यक्ष माधव सिंह तोमर ने बताया कि वर्ष 2021-22 रबी मौसम फसल गिरदावरी का कार्य जियो फेंस तकनीक का उपयोग कर की जाना है। फसल बीमा और ई-उपार्जन महत्वपूर्ण कार्य हैं इन्हें समय सीमा में करना होता है। फसल गिरदावरी के बिना यह काम नहीं किए जा सकते लेकिन जियो फेंस तकनीक से फसल गिरदावरी का कार्य निश्चित समयावधि में किया जाना संभव नहीं है।
परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जियो फेंस तकनीक की अनिवार्यता स्थगित कर पटवारियों ने सामान्य एप से गिरदावरी कार्य के आदेश जारी करनें की मांग उठाई गई है। किंतु इसके संबंध में शासन द्वारा कोई समाधान कारक हल नहीं किया गया। पटवारियों का मानना है कि, जानबूझकर नजर अंदाज किया जा रहा है।
इससे पूर्व के वर्ष में भी शासन द्वारा एक आदेश प्रसारित कर प्रत्येक ग्राम में कुछ ख्सरा नंबरों पर अनिवर्यता से जियो टेग करनें का उल्लेख किया गया था। व्यवहारिक तकनीकी तथा संशासधनों के अभाव में कार्यों का सही संपादन न होनें से शासन द्वारा इसकी अनिवार्यता समाप्त की गई थी। उन्होनें कहा कि, वर्तमान में ग्राम के समस्त खसरा नंबर जियो टेग से फसल गिरदावरी करनें संबंधी अव्यवहारिक आदेश प्राप्त हुआ है। तकनीकी एवं संसाधनों के अभाव में अनिवार्यता को तत्काल समाप्त किया जावे।
अन्यथा म.प्र. पटवारी संघ द्वारा 31 दिसंबर से सारा एप को लॉग आउट करनें का आहवान किया गया है। ज्ञापन में मधु शुक्ला, सविता सेनी, शंकर विश्वकर्मा, सुनील अहिरवार, सुनील खरे, गोपाल प्रजापति, अवधेश प्रताप सिंह, विनय प्यासी, कृष्णकुमार त्रिवेदी, रिपुंजय तिवारी, अंकित वैध, रामदेवी कुशवाहा, अंकिता चतुर्वेदी, राजकुमारी पाठक, प्यारेलाल आदिवासी, गजेंद्र सिंह गौंड, मकुंदीलाल अहिरवार, शैलेंद्र सिंह सहित समस्त हल्का पटवारी शामिल रहे।
इससे लघु सिंचाई, संगणना, सीएम किसान कल्याण योजना का भौतिक सत्यापन, पीएम किसान सम्मान योजना आदि कार्य प्रभावित होंगे। इससे किसानों व ग्रामीणों को दिक्कतें झेलना पड़ सकती है। पटवारियों ने गुरुवार को तहसीलदार कमलेश कुमार कुशवाहा को एक ज्ञापन दिया और फसल गिरदाबरी में जियो टेग की अनिवार्यता समाप्त करनें की मांग की है,
मप्र पटवारी संघ तहसील इकाई बडामलहरा अध्यक्ष माधव सिंह तोमर ने बताया कि वर्ष 2021-22 रबी मौसम फसल गिरदावरी का कार्य जियो फेंस तकनीक का उपयोग कर की जाना है। फसल बीमा और ई-उपार्जन महत्वपूर्ण कार्य हैं इन्हें समय सीमा में करना होता है। फसल गिरदावरी के बिना यह काम नहीं किए जा सकते लेकिन जियो फेंस तकनीक से फसल गिरदावरी का कार्य निश्चित समयावधि में किया जाना संभव नहीं है।
परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जियो फेंस तकनीक की अनिवार्यता स्थगित कर पटवारियों ने सामान्य एप से गिरदावरी कार्य के आदेश जारी करनें की मांग उठाई गई है। किंतु इसके संबंध में शासन द्वारा कोई समाधान कारक हल नहीं किया गया। पटवारियों का मानना है कि, जानबूझकर नजर अंदाज किया जा रहा है।
इससे पूर्व के वर्ष में भी शासन द्वारा एक आदेश प्रसारित कर प्रत्येक ग्राम में कुछ ख्सरा नंबरों पर अनिवर्यता से जियो टेग करनें का उल्लेख किया गया था। व्यवहारिक तकनीकी तथा संशासधनों के अभाव में कार्यों का सही संपादन न होनें से शासन द्वारा इसकी अनिवार्यता समाप्त की गई थी। उन्होनें कहा कि, वर्तमान में ग्राम के समस्त खसरा नंबर जियो टेग से फसल गिरदावरी करनें संबंधी अव्यवहारिक आदेश प्राप्त हुआ है। तकनीकी एवं संसाधनों के अभाव में अनिवार्यता को तत्काल समाप्त किया जावे।
अन्यथा म.प्र. पटवारी संघ द्वारा 31 दिसंबर से सारा एप को लॉग आउट करनें का आहवान किया गया है। ज्ञापन में मधु शुक्ला, सविता सेनी, शंकर विश्वकर्मा, सुनील अहिरवार, सुनील खरे, गोपाल प्रजापति, अवधेश प्रताप सिंह, विनय प्यासी, कृष्णकुमार त्रिवेदी, रिपुंजय तिवारी, अंकित वैध, रामदेवी कुशवाहा, अंकिता चतुर्वेदी, राजकुमारी पाठक, प्यारेलाल आदिवासी, गजेंद्र सिंह गौंड, मकुंदीलाल अहिरवार, शैलेंद्र सिंह सहित समस्त हल्का पटवारी शामिल रहे।
रिपोर्ट पुष्पेंद्र सिंह चौहान, ब्यूरो चीफ

