ऐसा नही है कि रात भर शासकीय शराब दुकानें संचालित होने और देर रात तक शराब की विक्री होने की जानकारी जिम्मेदारों को न हो क्योकि रात में पुलिस का पहरा होता है ,रात भर पुलिस नगर की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी निभाती है, इसके बावजूद भी खुलेआम धड़ल्ले से रात भर शराब की विक्री होने की तस्वीरें सामने आना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर देती है। वैसे भी गुन्नौर क्षेत्र में गांव गांव अवेध शराब वेचने का कार्य जोरो पर है, लॉक डाउन में भी अवैध शराब की वेचने और परिवहन करने के मामले भी सामने आ चुके हैं।
लेकिन जिम्मेदारों द्वारा इन पर लगाम लगाने की बजाए खुली छूट दे दी गई है,जिस कारण खुलेआम धड़ल्ले से रात भर शराब की दुकानों में भीड़ दिखाई देने तस्वीरे सामने आ रही है।आम दुकानदारों की दुकानें शाम 6 बजे बन्द होने का नियम तो वही दूसरी तरफ देर रात का शराब की दुकानों में भीड़ लगना समझ से पड़े हैं । क्योंकि एक ओर छोटे दुकानदारों की दुकानें लॉक डाउन के चलते बन्द रही तो वही दूसरी तरफ पूरे क्षेत्र में शराब गांव गांव पहुंचती के वीडियो शोषल मीडिया में चर्चा का विषय बना रहा ।
गुन्नौर मुख्यालय में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी ,राजस्व अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय होने के वावजूद भी शाषन के निर्देशों का पालन करवाने में स्थानीय प्रशासन नाकाम दिखाई दे रहा हैं।

