फतेहपुर जिला अनुश्रवण एवं सतर्कता समिति ने सौंपा ज्ञापन।
फतेहपुर जिला अनुश्रवण एवं सतर्कता समिति के सदस्य धीरज कुमार बाल्मिक, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ बाल्मिक को ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग किया कि जनपद फतेहपुर में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी, वित्त विकास निगम व सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय व जिला पंचायत फतेहपुर के सहयोग से 3 ब्लाकों में जिसमें बहुवा ब्लॉक,एरांया ब्लॉक, मलवा ब्लाक में मानव मल ढोने वाली महिलाओं का चिन्हीकरण करने हेतु कैंप लगाया गया था। जिसमें जनपद फतेहपुर से 884 महिलाओं को चिन्हित किया गया था। जिसमें 325 महिलाओं ने स्वीकार किया कि वह लोग काम करते हैं तथा 559 महिलाओं ने स्वीकार किया कि उन लोगों ने काम छोड़ दिया है यह पूरे फॉर्मेट जिला नोडल अधिकारी जिला पंचायत राज अधिकारी को 15 मई को सौंप दिया गया था जिस पर आज तक कोई निस्तारण नहीं हो सका धीरज कुमार ने जिला प्रशासन और सफाई आयोग में भी इसकी शिकायत किया था परंतु जिला प्रशासन द्वारा सिर्फ 7 महिलाओं के चिन्हांकन की बात सामने आ रही है, जबकि प्रधानमंत्री द्वारा निर्देश था कि कोई भी महिला व पुरुष अस्वच्छव पेशे से जुड़े हो तो उनको लाभ मिलना चाहिए। धीरज कुमार ने राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष से मांग किया ग्रामीणों में मल ढोने वाली महिलाओं को 2013 के नियम के अंतर्गत सूचिबद्ध करके सम्मान जनक पुनर्वास कराते हुए ₹40000 एकमुश्त धनराशि उसके खाते में उपलब्ध कराई जाए तथा उनके परिवार वालों को सम्मानजनक कार्यों से जोड़ा जाये। हम आपको बता दें फतेहपुर के लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ बाल्मीकि पहुंचे थे जहां पर फतेहपुर के नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत के सभी अधिकारियों के साथ बैठक भी लिया वही यह बात सामने आई कि सभी नगर पंचायतों में सफाई कर्मचारियों को ₹308 के हिसाब से मानदेय दिया जा रहा है जबकि फतेहपुर नगर पालिका परिषद में ₹250 के हिसाब से ही मानदेय दिया जा रहा है उन्होंने इस पर सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि यहां पर ₹250 के हिसाब से मानदेय क्यों दिया जा रहा है? जवाब नहीं दिया तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर अपरजिलाधिकारी पप्पू गुप्ता भी मौजूद रहे।

