इस दौरान पैसे के लेन देन को लेकर मोहल्ले के ही जयराम यादव व सूरज यादव पुत्रगण श्याम सिंह यादव से वाद विवाद हुआ था। इसके बाद उसके पति को मोहल्ले के किसी भी व्यक्ति ने नही देखा और तीन चार दिन बाद उसके पति का शव सदर कोतवाली से चंद कदम की दूरी पर एक निर्माणाधीन मकान के नीचे लावारिस हालत में पड़ा मिला था। विमलेश ने बताया कि उसके पति की मौत होने के साथ ही मोहल्ले के ही जयराम व सूरज यादव ने उसके मकान का ताला तोड़कर जबरन कब्जा कर लिया और जल्दबाजी में उसे बनवाना भी शुरू कर दिया। दुःखो की मारी विमलेश ने बताया कि उधर वह अपने पति के खो जाने के गम में मायके में थी तो इधर उसके मकान पर अवैध कब्जा एवं निर्माण करने की साजिश रची जा रही थी पीड़िता विमलेश ने बताया कि जब उसे पता चला कि उसके मकान पर अवैध कब्जा किया जा रहा है तो उसने इसका विरोध किया, जिस पर जयराम यादव व सूरज यादव ने धमकी देते हुए कहा कि अगर कही पर भी शिकायत की तो जान से मार दूंगा।
और पीड़िता ने बताया कि वह आठ साल की बेटी के साथ इंसाफ के लिए दर दर भटकती रही तो उधर जयराम व सूरज यादव तेजी के साथ मकान का निर्माण कराने में जुटे रहे । पीड़िता ने बताया कि जब उसे किसी भी रिश्तेदार व सगे संबंधियों का सहयोग नहीं मिला तो वह सदर कोतवाली पहुंची और इंसाफ की गुहार लगाई है। उसका कहना रहा की अगर उसका आखिरी सहारा मकान भी चला गया तो वह अपनी आठ साल की बेटी के साथ दर दर की ठोकर खाने के लिए मजबूर होगी। पीड़िता ने शहर कोतवाल से न्याय की गुहार लगाते हुए मकान पर किए गए अवैध कब्जे को रूकवाने की मांग करते हुए अवैध ढंग से कब्जा करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

