बलरामपुर: खाकी के दामन पर दाग एक बार नहीं कई बार लग चुका है।आपने बहुत सारी घटनाओं को देखा भी होगा और सुना भी। अब एक ताजा मामला सुर्खियों में आ गया है जो पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुका है । क्षेत्र में खाकी को लोग कोसने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं । मामला सादुल्लाह नगर थाना क्षेत्र के सरायखास का है,
जहां पुलिस ने एक फौजी को थाने ले जा कर गाली गलौज देते हुए खूब बेइज्जत किया, राज किशोर सिंह ने बताया कि मैं भारतीय सेना में कार्यरत हूं। मेरे छोटे भाई हैप्पी सिंह और एक दुकानदार जिसका नाम विशाल जयसवाल है इन दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था । जब मुझे पता चला कि मेरे भाई के साथ झगड़ा हो गया है तब मैं आनन-फानन में घटना स्थल पर पहुंचा तो वहां पहले से ही थाना सादुल्लाह नगर के दो सिपाही विनीत पांडे एक और जिसका नाम मुझे नहीं मालूम नहीं है
वो मौजूद थे। वो मुझसे गाड़ी की चाबी मांगने लगे तब मैंने कहा कि गाड़ी की चाबी क्यों दूं, गाड़ी तो मेरी है जिस से झगड़ा हुआ है वो मेरा छोटा भाई उसको मैं थाने लेकर चल रहा हूं, इसी बात पर पुलिस वालों से मेरी कहा सुनी हो गई फिर उन्होंने मुझे सरायखास एसबीआई बैंक के सामने पकड़ कर बैठा लिया । थोड़ी देर में दो गाड़ी पुलिस फोर्स आ गई, मैंने पुलिस को अपना परिचय भी दिया लेकिन मेरा कॉलर पकड़कर गाली गलौज देते हुए मुझे गाड़ी में बैठने को कहा गया
जब मुझे राइफल की बट पड़ी तब मैं अपनी इज्जत बचाने के लिए गाड़ी में बैठ गया। मुझे थाने ले जाकर एसएचओ के सामने पेश किया गया । वहां पर जब मैंने थाना प्रभारी को सारी वारदात अपने बारे में बताने की कोशिश की तब उन्होंने मेरी छाती में घुसा मारा और कहा कि तेरी औकात है मुझसे बात करने की वो मुझे गाली देते रहे और धमकी दी कि अगर तुम इस लफड़े में पड़े तो तेरी नौकरी खा जाऊंगा। फिर मुझे 2 घंटे के बाद हस्ताक्षर करवा कर घर भेज दिया गया,
उक्त प्रकरण से भारतीय सेना का जवान सदमे में है उसने जिले के कुछ अधिकारियों को भी अवगत कराया लेकिन दोषी पुलिस वालों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है । जब फ़ौजी को ज़िले के अधिकारियों से कोई न्याय नही मिला तो उस ने शोसल मीडिया पर अपनी एक वीडियो वारयल कर दी उसने वीडियो के माध्यम से इंसाफ की गुहार लगाई है, जब कि इस मामले में पुलिस लीपापोती कर रही है अब देखना है कि फ़ौजी को न्याय मिलता है कि नही। जब सेना के एक जवान के साथ ऐसी बेशर्मी की जा रही है तो आम आदमियों के साथ पुलिस का रवैया कैसा होगा।
जहां पुलिस ने एक फौजी को थाने ले जा कर गाली गलौज देते हुए खूब बेइज्जत किया, राज किशोर सिंह ने बताया कि मैं भारतीय सेना में कार्यरत हूं। मेरे छोटे भाई हैप्पी सिंह और एक दुकानदार जिसका नाम विशाल जयसवाल है इन दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था । जब मुझे पता चला कि मेरे भाई के साथ झगड़ा हो गया है तब मैं आनन-फानन में घटना स्थल पर पहुंचा तो वहां पहले से ही थाना सादुल्लाह नगर के दो सिपाही विनीत पांडे एक और जिसका नाम मुझे नहीं मालूम नहीं है
वो मौजूद थे। वो मुझसे गाड़ी की चाबी मांगने लगे तब मैंने कहा कि गाड़ी की चाबी क्यों दूं, गाड़ी तो मेरी है जिस से झगड़ा हुआ है वो मेरा छोटा भाई उसको मैं थाने लेकर चल रहा हूं, इसी बात पर पुलिस वालों से मेरी कहा सुनी हो गई फिर उन्होंने मुझे सरायखास एसबीआई बैंक के सामने पकड़ कर बैठा लिया । थोड़ी देर में दो गाड़ी पुलिस फोर्स आ गई, मैंने पुलिस को अपना परिचय भी दिया लेकिन मेरा कॉलर पकड़कर गाली गलौज देते हुए मुझे गाड़ी में बैठने को कहा गया
जब मुझे राइफल की बट पड़ी तब मैं अपनी इज्जत बचाने के लिए गाड़ी में बैठ गया। मुझे थाने ले जाकर एसएचओ के सामने पेश किया गया । वहां पर जब मैंने थाना प्रभारी को सारी वारदात अपने बारे में बताने की कोशिश की तब उन्होंने मेरी छाती में घुसा मारा और कहा कि तेरी औकात है मुझसे बात करने की वो मुझे गाली देते रहे और धमकी दी कि अगर तुम इस लफड़े में पड़े तो तेरी नौकरी खा जाऊंगा। फिर मुझे 2 घंटे के बाद हस्ताक्षर करवा कर घर भेज दिया गया,
उक्त प्रकरण से भारतीय सेना का जवान सदमे में है उसने जिले के कुछ अधिकारियों को भी अवगत कराया लेकिन दोषी पुलिस वालों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है । जब फ़ौजी को ज़िले के अधिकारियों से कोई न्याय नही मिला तो उस ने शोसल मीडिया पर अपनी एक वीडियो वारयल कर दी उसने वीडियो के माध्यम से इंसाफ की गुहार लगाई है, जब कि इस मामले में पुलिस लीपापोती कर रही है अब देखना है कि फ़ौजी को न्याय मिलता है कि नही। जब सेना के एक जवान के साथ ऐसी बेशर्मी की जा रही है तो आम आदमियों के साथ पुलिस का रवैया कैसा होगा।
रिर्पोट विनय कुमार वर्मा
