फतेहपुर: क्षेत्र के मझटेनी गौशाला में क्षमता से कम मवेसी है फिर भी सूखा चारा खा कमजोर होकर बीमार हो रहे है और तड़प कर मर रहे हैं, क्षेत्र के मझटेनी गांव में किसानों को अन्ना मवेशियों से निजात दिलाने के लिए करीब एक वर्ष पहले शासन द्वारा मुन्नू बाबा गौशाला का निर्माण कराया गया था जहां करीब 1 सैकड़ा गोवंश रखने की क्षमता है दो गौपालक रखे गए थे परंतु अब इस गौशाला की व्यवस्था अव्यवस्था में बदल गई है
जहां क्षमता से कम महज 67 जानवर है फिर भी हरा चारा की व्यवस्था नही है न ठंड से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था है बुधवार पड़ताल की गई तो मौके पर 67 मवेशी मिले सभी भूखे थे और बेहद कमजोर थे जहां एक जानवर की कमजोरी और बीमारी के बाद तड़प कर मौत हो चुकी थी जो खुले मैदान में पड़ा था और कुछ दूर पर ही एक और मवेशी कमजोरी और बीमारी से तड़प रहा था जहां पर दो टीन शेड थे
1 टीन सेट पर तिरपाल लगा कर ठंड से बचाव की व्यवस्था की गई थी तथा दूसरा टीनसेड खुला था पानी पीने के लिए समर्सिबल तालाब की व्यवस्था थी जानवरों के चरही पर सूखा भूसा पड़ा था कुछ मवेशी भूसा खा रहे थे कुछ मैदान पर ठिठुर रहे थे क्षेत्र के लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया क्षेत्र में अब भी दर्जनों की संख्या में अन्ना मवेशी घूम रहे हैं
जिनसे फसल चौपट हो रही है वही सचिव हेमन्त सिंह ने बताया हरा चारा की बुवाई की गई है पशु आहार पर्याप्त मात्रा में है ठंड से बचाव के लिए तिरपाल लगाईं गई है बीमार जानवरों का इलाज कराया जाएगा और मृतक को दफनाया जाएगा
पशु चिकित्सक डा०देवेन्द्र सिंह ने बताया जब तक मवेशियों को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा नहीं मिलेगा कमजोर रहेंगे और बीमार भी होंगे बीमार जानवरो का नियमित इलाज किया जाता है पर लाभ नहीं होता है।
जहां क्षमता से कम महज 67 जानवर है फिर भी हरा चारा की व्यवस्था नही है न ठंड से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था है बुधवार पड़ताल की गई तो मौके पर 67 मवेशी मिले सभी भूखे थे और बेहद कमजोर थे जहां एक जानवर की कमजोरी और बीमारी के बाद तड़प कर मौत हो चुकी थी जो खुले मैदान में पड़ा था और कुछ दूर पर ही एक और मवेशी कमजोरी और बीमारी से तड़प रहा था जहां पर दो टीन शेड थे
1 टीन सेट पर तिरपाल लगा कर ठंड से बचाव की व्यवस्था की गई थी तथा दूसरा टीनसेड खुला था पानी पीने के लिए समर्सिबल तालाब की व्यवस्था थी जानवरों के चरही पर सूखा भूसा पड़ा था कुछ मवेशी भूसा खा रहे थे कुछ मैदान पर ठिठुर रहे थे क्षेत्र के लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया क्षेत्र में अब भी दर्जनों की संख्या में अन्ना मवेशी घूम रहे हैं
जिनसे फसल चौपट हो रही है वही सचिव हेमन्त सिंह ने बताया हरा चारा की बुवाई की गई है पशु आहार पर्याप्त मात्रा में है ठंड से बचाव के लिए तिरपाल लगाईं गई है बीमार जानवरों का इलाज कराया जाएगा और मृतक को दफनाया जाएगा
पशु चिकित्सक डा०देवेन्द्र सिंह ने बताया जब तक मवेशियों को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा नहीं मिलेगा कमजोर रहेंगे और बीमार भी होंगे बीमार जानवरो का नियमित इलाज किया जाता है पर लाभ नहीं होता है।
रिपोर्ट वी के द्विवेदी, ब्यूरो चीफ

