मिशन प्रेरणा के अंतर्गत पॉक्सो एक्ट पोस्टर प्रतियोगिता का हुआ आयोजन।
समाज को नारी शिक्षा के प्रति मानसिकता बदलना होगा। – आरती
अमौली/फतेहपुर।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति मिशन प्रेरणा अभियान के तहत जनपद के विकासखंड अमौली क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बेहटा खुर्द में मीना मंच के द्वारा संचालित कार्यक्रम में पॉक्सो एक्ट के विषय को लेकर महिलाओं और बच्चियों को जानकारी प्रदान की गई। समाज में विकृत मानसिकता वाले लोगों के द्वारा नाबालिक बच्चे एवं बच्चियों के साथ अभद्र व्यवहार व शोषण किया जाता है। इस प्रकार के होने वाले शोषण को कानूनी तौर पर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। जिसमें अपराधी को सजा का प्रावधान होता है।
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में मीना मंच संदर्भदाता प्रतिमा उमराव के द्वारा बताया गया कि समाज में विकृत मानसिकता वाले लोगों द्वारा नाबालिक बच्चे एवं बच्चियों के साथ शोषण होता है जिसको लेकर कानून में पोक्सो एक्ट का प्रावधान किया गया है। जिसके बारे में महिलाओं एवं बच्चियों को जागरुक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस एक्ट को बनाना बहुत जरूरी था क्योंकि बच्चे बहुत ही मासूम होते और आसानी से लोगों के बहकावे में आ जाते हैं।जिसके बाद वह शोषण का शिकार बन जाते हैं। कई बार तो बच्चे डर के कारण उनके साथ हुए शोषण को माता पिता से भी नहीं बताते।उन्होंने कहा कि सरकार को इस एक्ट में और जरूरी सुधार करने होंगे ताकि पीड़ित को जल्दी से जल्दी न्याय मिल सके। ज्यादातर मामलों में देखने में आया है कि बच्चों का शोषण जान-पहचान के लोग ज्यादा करते हैं और घर के लोग उन पर शक भी नही करते हैं। इसलिए माता- पिता का यह दायित्व बनता है कि जिन लोगों के साथ बच्चे खेल रहे हैं। उन पर पूरी नजर रखें।
उन्होंने अभिभावकों को जानकारी देते हुए बताया कि पॉस्को एक्ट का पूरा नाम प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट है जिसके द्वारा बच्चों के साथ हुए यौन शोषण, यौन उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी जैसे जघन्य अपराधों को रोकने के लिए बनाया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2012 में बनाए गए इस कानून के तहत अलग-अलग अपराधों के लिए अलग-अलग सजा तय की गई है।
मीना मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अभिभावकों व बच्चों को एक लघु फिल्म दिखाकर बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून के बारे में जानकारी दी गई। वही शिक्षिका प्रतिमा उमराव के द्वारा स्वरचित कविता सुना कर बच्चों को जागरूक किया गया। जिसे अभिभावकों और बच्चों द्वारा खूब सराहा गया। कार्यक्रम में एआरपी आरती सिंह चौहान ने मिशन प्रेरणा के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा करते हुए बालिका शिक्षा पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी का यौन शोषण ना हो। इसके लिए समाज के प्रत्येक सदस्य को जागरूक होने की जरूरत है। इस मौके पर रश्मि उत्तम, राखी सचान,प्रतिमा उमराव,आरती व तमाम महिलाएं एवं बच्चियां मौजूद रहीं।

