शायराना कलमकारों की महफ़िल(Indian Writers)

1.देश हित मे कुछ लफ्ज़


१. हालत है देश और दुनिया के इस कदर नासाज-ए-घनश्याम।
मेरी तो कलम ने हार मान ली है लिखने में।।
   ~प्रिंसी तिवारी


२. गरीबी कहा आती है साहब,
जाती देख कर,
घिन जरूर आती है,
ऐसी राजनीति देख कर..।।
   ~प्रिंसी तिवारी
2.इश्क़ पर कुछ लफ्ज़



१. वो वक़्त गुजर गया,
जो हमे मिलाने की कोशिश करता था..
अब ऐसा वक़्त आया है जो,
हमे अलग करने की साजिशे रच रहा है।।
   ~प्रिंसी तिवारी



२. मिलते रहिये, 
हाल चाल पूछते रहिये, 
न जाने कब कोई,
एक याद बन कर रह जाए…।।
   ~प्रिंसी तिवारी



३. भीगी भीगी सी ये जो मेरी लिखावट है स्याही मे थोड़ी सी मेरी अश्को की मिलावट है!!
   ~प्रिंसी तिवारी

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