संरक्षित प्रजाति के काले और लाल हिरनो ने किसानों का किया जीना हराम, चट कर रहे हैं फसल।
रिपोर्ट- विवेक कुमार यादव/हमीरपुर
कई सालों से अन्ना पशुओं की मार झेल रहा किसान अब हिरनो को लेकर परेशान हैं। जंगल से आये सैकड़ों हिरनो के झुंड ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मामला है हमीरपुर जनपद के मौदहा विकास खण्ड के गांव कम्हरिया, सायर और मसगवां के बीच स्थित हजारों एकड के बंधा का, जहां पर आम तौर पर एक ही फसल पैदा होती है बाकी साल के आधे महीने पानी भरा रहता है। मलबे समय तक पानी भरा रहने के कारण इस बंधे की भूमि अत्यंत उपजाऊ और सपाट है। हालांकि भूमि उपजाऊ होने के कारण एक ही फसल में किसानों का जीवन आसानी से गुजर रहा है। बीते कुछ सालों से बुण्देलखण्ड क्षेत्र में अन्ना की समस्या ने किसानों की मुश्किलें बढा दी थी। लेकिन सरकार द्वारा सभी गांवों में गौशाला बनने के बाद जहां अन्ना की समस्या का काफी हद तक समाधान हुआ है तो वहीं इस एक फसल वाले क्षेत्र में हिरनो ने आतंक फैला दिया है। जोकि सैकड़ों की संख्या में झुंड के रूप में किसानों को बर्बाद करने पर उतारू हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस क्षेत्र में दुर्लभ प्रजाति के काले हिरनो का होना ही अपने आप में चर्चा का विषय बना हुआ है। और वनविभाग ने अभी तक इस बारे मे कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। कि इन संरक्षित और दुर्लभ प्रजाति के हिरनो को किसी नेशनल पार्क में भेज दिया जाये।

