झबरा स्टैंड से नई बस्ती , जिटकिरी, जमौड़ी डांडा लगभग सात किमी तक की ग्रामीण सड़क अपनी जर्जर हालात पर आंसू बहाने को विवश है। यहां तो हल्की बारिश में भी चलना मुश्किल हो जाता है। सड़कों में गड्ढे या गड्ढों में सड़क, कहना मुश्किल वहीं जिटकिरी गांव निवासी भगवानदास तथा नंदराम कहते हैं जिटकिरी, जमौड़ी गांव की मुख्य सड़कों की हालत इतनी खराब है की पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है बरसात के समय सड़क में बने गढ्ढे पानी से लपालप भर जाते है गढ्ढों की चपेट में आकर बाइक सवार अक्सर चोटिल होते हैं। साथ ही गढ्ढों में हिचकौले खाते हुए वाहन चलते हैं। अगर कोई बीमार हो जाता है तो एंबुलेंस भी समय से नहीं पहुंचती। ऐसे में लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। चंडौत ग्राम पंचायत की मुख्य सड़क दलदल में तब्दील है
यहां जलनिकासी का भी कोई इंतजाम न होने से बिना बारिश ही सड़कों पर कीचड़ और जलभराव नजर आता है। इसके अलावा जरा सी बारिश ही पूरी सड़क को टापू सा बना देती है। ज्यादा बारिश हो तो सड़कों की गंदगी घरों के भीतर तक पहुंच जाती है। हालत यह है कि आम आदमी का जीनव नारकीय हो गया है। जिटकिरी गांव निवासी मंगल, गयादीन, अल्लहादीन, विजय सिंह, दीनदयाल, गीरिशंकर राममिलन का कहना है कि ग्रामीण सड़कों की हालत सुधारने के लिए न तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधि औऱ न ही प्रशासनिक महकमे के अधिकारी ध्यान देते हैं । चुनाव के समय तो बड़े -बड़े वादे किए जाते हैं लेकिन चुनाव के बाद सब हवा -हवाई हो जाता है।

