Mumbai Attack Story: कहानी मुंबई हमले की जिसने मुंबई ही नहीं पूरे देश को हिला कर रख दिया.
Mumbai Attack: जीवन की ऊहापोह में आगे जाने को बेताव हर शक्स मानो एक दूसरे को पीछे छोड़ने को बेताब था
उन सपनो संग उड़ान भर रही थी वो लाख सपने सजोंकर बैठे लोगों की आन बान शान थी वो …
वो कोई और नही बल्कि आर्थिक नगरी मुंबई ….फिर एक हादसा ने कई जिंदगियां लील ली सब कुछ ठहर गया था चीखपुकार के बीच पता चला कि भारत में ताज होटल में आतंकवादियों ने हमला कर दिया है
26 नवंबर से 26 नवंबर तक की कहानी
रात्रि 8 बजकर 20 मिनट पर अजमल कसाब और उसके 9 साथियों ने मुंबई में कदम रखा। उनसे कहा गया था, ‘तुम्हारा सबसे बड़ा हथियार है…उन्हें अचरज में डालना।’
आतंकियों को सिखाया गया था कि किस प्रकार पूरे शहर को दशहत में डालने के लिये टैक्सियों में विस्फोटक कैसे फिट करने है मुंबई में कदम रखने के बाद आतंकवादी दो भागों में बंटगये थे। सबसे पहला हमला रात 9 बजकर 43 मिनट पर लियोपॉल्ड कैफे के बाहर किया ड्राइवर और टैक्सी में बैठी दो महिलाओं की तुरंत मौत हो गई। जब लोग वहां से भागे, तो दो आतंकियों ने सड़क से ही एके-47 से फायरिंग शुरू कर दी।
इस हमले में 9 लोग मारे गए।
CST पर कत्लेआम
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल पर दो मिनट बाद 9 बजकर 45 मिनट पर हमला हुआ AK47 लिये कसाब लोगों पर गोलियां बरसा रहा था और दूसरी तरफ इस्माइल नाम का आतंकी ग्रिनेड चला रहा थाइस दौरान 58 लोग मारे गये थे CST पर हमले के बाद वे कामा अस्पताल पहुंचे।, उन्होंने घुसते ही चौकीदार का हत्या की तथा अस्पताल के बाहर आतंकियों से मुठभेड़ में ATS चीफ हेमंत करकरे, मुंबई पुलिस के अशोक कामटे और विजय सालसकर शहीद हो गए।
मारा गया आतंकी इस्माइल
छीनी गयी स्कोडा से भागते आतंकियो के पीछे पुलिस पड़ चुकी थी पुलिस ने आगे बैरिकेडिंग कर रखी थी। जिससे कार रुकी तथा पुलिस के पास आते हि इस्माइल ने गोलियां बरसाने आरंभ कर दिया पुलिस ने इस्माइल को मार दिया। तथा अजमल आमिर कसाब पकड़ा गया। हालांकि इस दौरान मुटभेंड़ में पुलिस इंस्पेक्टर तुकाराम ओम्बले शहीद हो गए उसी रात दो आतंकियों ने नरिमन हाउस को भी निशाना बनाया। यहां यहूदी पर्यटक अक्सर रुका करते थे।
दोनों आतंकी बाद में मारे भी गए, लेकिन मरने से पहले उन्होंने 7 लोगों की हत्या कर दी थी।
दोनों आतंकी बाद में मारे भी गए, लेकिन मरने से पहले उन्होंने 7 लोगों की हत्या कर दी थी।
आतंक के आगोश में ताज
टुकड़ों में बंटी टोली में सें 4 आतंकियों ने ताज होटल ताज होटल में अंदर जाते हि आतंकियों ने गोली बारी कर शुरू कर दी तब जाकर दुनिया को पता लगा कि भारत पर दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी हमला हुआ है आतंकियों ने मारे जाने तक 31 लोगों की जान ले ली थी।
2 आतंकियों ने दो ओबेरॉय होटल की ओर रुख किया था ओबेरॉय होटल में भी दो आतंकी ढेर सारे गोला-बारूद के साथ घुसे। बताया जाता है कि हमले के वक्त होटल में 350 लोग मौजूद थे। NSG के कमांडों ने दोनों आतंकियों को मार गिराया। लेकिन तब तक 32 लोगों की जान जा चुकी थी।
आतंक के अंत के साथ एक नयी सुबह
26 नवंबर की रात 9 बजकर 43 मिनट से शुरू हुआ आतंक का तांडव 29 नवंबर की सुबह 7 बजे खत्म हुआ। मौत का ये तांडव 60 घंटे तक चला।
इस हमले में 166 लोग मारे गए थे। 9 आतंकियों को एनकाउंटर में मार दिया गया था। जबकि, एकमात्र आतंकी अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया। कसाब को 21 नवंबर 2012 को फांसी दे दी गई।
इस हमले में 166 लोग मारे गए थे। 9 आतंकियों को एनकाउंटर में मार दिया गया था। जबकि, एकमात्र आतंकी अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया। कसाब को 21 नवंबर 2012 को फांसी दे दी गई।


