ड्राइवर बना दारोगा: अधिवक्ता से शादी करने के लिए ड्राइवर बना फर्जी दरोगा, पता चलने पर पुलिस से पकड़वाया.
Bareilly: युवक पर प्रेम का भूत इस कदर सवार था कि
वह महिला अधिवक्ता से विवाह करने के लिए लखनउ से बरेली आ पहुंचा|
उसके हुलिए को देखकर महिला अधिवक्ता को शक हुआ तो वह युवक को लेकर पुलिस लाइन पहुंचीं। अपने एक परिचित दारोगा काे फोन कर बुलाया। उसी के सामने फर्जी दारोगा से वह पूछ बैठी कि
उसके हुलिए को देखकर महिला अधिवक्ता को शक हुआ तो वह युवक को लेकर पुलिस लाइन पहुंचीं। अपने एक परिचित दारोगा काे फोन कर बुलाया। उसी के सामने फर्जी दारोगा से वह पूछ बैठी कि
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फर्जी दारोगा मुंह ताकता रह गया। इसी में वह फंस गया। बाद में पता चला कि खुद को दारोगा बताने वाला यह युवक असल में ड्राइवर है। आरोपी की पहचान लखनऊ के आशियाना स्थित सेक्टर-एफ पराग डेयरी के निकट निवासी सत्यम त्रिपाठी के रूप में हुई है।
कोतवाली पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी लिखकर उसे गिरफ्तार कर लिया है
कोतवाली पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी लिखकर उसे गिरफ्तार कर लिया है
छह महीने पहले फेसबुक पर हुई थी दोस्ती
कोतवाली पुलिस के मुताबिक, सुभाषनगर की रहने वाली अधिवक्ता से आरोपित सत्यम त्रिपाठी की करीब छह माह पूर्व फेसबुक से दोस्ती हुई। बातचीत शुरू हुई तो आरोपित ने खुद के बारे में बताया कि वह दारोगा है। लखनऊ के हजरतगंज थाने में उसकी तैनाती है। कुछ समय बाद उसने अधिवक्ता के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। इस पर अधिवक्ता ने उसको मम्मी-पापा से बातचीत कराने के लिए कहा।
फर्जी दारोगा बोला, सीओ थे पिता, हो चुकी मौत
इस पर आरोपित युवक ने कहा कि मम्मी-पापा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी है। वह सीओ थे। मामा ने पाला है। इसी के बाद गुरुवार को वह वर्दी में बरेली पहुंचा। उसके हुलिए को देखकर महिला अधिवक्ता को शक हुआ। तुरंत ही उसने एक परिचित दारोगा को फोन किया। आरोपित को लेकर पुलिस लाइन पहुंचीं। परिचित दारोगा के सामने आरोपित से जब अधिवक्ता ने सवाल शुरू किये तो वह किसी का भी जवाब नहीं दे सका।
शक होने पर उससे पहचान पत्र व अन्य प्रपत्र मांगे गए, तभी वह फंस गया। पता चला कि आरोपित असल में ड्राइवर है। लखनऊ में वह टैक्सी चलाता है।
शक होने पर उससे पहचान पत्र व अन्य प्रपत्र मांगे गए, तभी वह फंस गया। पता चला कि आरोपित असल में ड्राइवर है। लखनऊ में वह टैक्सी चलाता है।
संदेह न हो इसलिए वर्दी पहनकर पहुंचा
कोतवाली पुलिस ने आरोपित से उसके दारोगा बनने की कहानी पूछी तो कहा कि अधिवक्ता से शादी के लिए उसने खुद को दारोगा बताया था। अधिवक्ता को शक ना हो इसलिए बरेली आने से पहले उसने बाकायदा दारोगा की वर्दी सिलवाई। फिर वर्दी पहनकर ही बरेली पहुंचा लेकिन, वह फंस गया। कोतवाली इंस्पेक्टर हिमांशु निगम ने बताया कि मामले में शिकायती पत्र मिला है। उसी आधार पर आरोपित के विरुद्ध प्राथमिकी लिखकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


