Former MLA Vikram Singh : 8 साल पुराने मामले को लेकर कोर्ट ने पूर्व बीजेपी विधायक समेत चार लोगों को सुनाई सजा..

Fatehpur : उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में एमपी-एमएलए कोर्ट  ने भारतीय जनता पार्टी  के पूर्व विधायक विक्रम सिंह सहित उसके चार समर्थकों को 2 साल 9 महीने की सज़ा सुनाई है।
न्यायालय ने अपराधियों पर एक-एक हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया है।


मिली जानाकारी के मुताबित घटना हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बड़ागांव पोलिंग बूथ की है। जहां 30 अप्रैल 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक विक्रम सिंह अपने समर्थकों के साथ पोलिंग बूथ में घुसकर पुलिस कांस्टेबल आदेश कुमार से जमकर मारपीट की थी, इस मामले को लेकर पुलिस ने कांस्टेबल की तहरीर पर पूर्व सदर विधायक विक्रम सिंह और असकेप समर्थक कमल किशोर तिवारी, अमित तिवारी, शंकर दयाल उर्फ बच्चा तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया था।




इस मामले की सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने बीजेपी के पूर्व विधायक विक्रम सिंह समेत चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 2 साल 9 महीने की सज़ा सुनाई है। सज़ा के ऐलान के बाद कोर्ट ने सभी दोषियों को जमानत पर रिहा कर दिया है। सहायक अभियोजन अधिकारी कामेश्वर प्रसाद लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के पूर्व विधायक विक्रम सिंह अपने समर्थकों के साथ पोलिंग बूथ में घुसकर कांस्टेबल आदेश कुमार से मारपीट की थी।



कांस्टेबल के तहरीर पर पूर्व विधायक विक्रम सिंह समेत चार लोगों पर IPC की धारा 147, 149, 332, 353, 323, 504, 506 व 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट और 131, 134 (ख) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। मुकदमे की सुनवाई के बाद सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट (MP-MLA Court) ने IPC की धारा 353 में 2 साल की साधारण कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट में 6 माह और 131-ख लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में 3 माह की साधारण कारावास की सज़ा सुनाई है। सज़ा के ऐलान के बाद कोर्ट ने सभी को जमानत दे दी है। आपको बता दें कि विक्रम सिंह फतेहपुर की सदर सीट से भारतीय जनता पार्टी  के पूर्व विधायक रहे हैं

विक्रम सिंह फतेहपुर जनपद की एक बहुचर्चित नेता हैं जो कि लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं 2022 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें एक बार फिर फतेहपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था लेकिन इस बार वह पार्टी की उम्मीदों में खरे नहीं उतर सके।

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