Kanpur : कानपुर में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जहां एयरपोर्ट विस्तार रोड पर एक 30 करोड़ रुपए की सरकारी भूमि को तीन बार बेचा जा चुका है। हैरानी की बात यह है कि तहसील व केडीए अधिकारियों व कर्मचारियों की नाक के नीचे फर्जीवाड़ा होता रहा फिर भी किसी को भनक तक नहीं लगी। फर्जीवाड़ा करने वाले सभी ठग मर चुके हैं,
अब सरकारी भूमि पर कोई निर्माण कार्य नहीं होगा। ग्रैंड ट्रंक रोड से लगी हुई 30 करोड़ की जमीन पर भले ही कृष्ण गोपाल अग्रवाल का नाम हटाकर ऊसर में दर्ज कर दिया गया। फिर भी जमीन को तीन बार बेचा गया। कृष्ण गोपाल तीसरे खरीददार है। तीन बार सरकारी जमीन को खरीद व बेचा गया। इसके बावजूद तहसील व केडीए अफसरों को पता नहीं लगा। अगर जमीन का अधिग्रहण न होता तो फर्जीवाड़े की जानकारी नहीं होती। सरकारी जमीन की आराम से खरीद-फरोख्त हो रही होती। 1356 फसली की खतौनी में जमीन ऊसर में दर्ज थी। अचानक 1359 फसली की खतौनी में बिना किसी आदेश के अभिलेखों में हेराफेरी करके फर्जी तरीके से परभू व पचुवा पिसरान का नाम दर्ज हो गया।
फर्जीवाड़ा करने वाले परभू व पचुवा पिसरान की मौत हो चुकी है। सरकारी जमीन को व्यक्तिगत बनाने के लिए पूरी योजना बनाकर खेल खेला गया। दो बार में पहले तीन बीघा नौ बिस्वा और फिर चार बीघा जमीन पर कब्जा किया गया। वहीं कृष्ण गोपाल को हाईकोर्ट से स्टे भी मिल गया है। अब उसे जिला प्रशासन खारिज कराएगा। कोई नया निर्माण फिलहाल नहीं होगा।
फर्जीवाड़ा करने वाले परभू व पचुवा पिसरान की मौत हो चुकी है। सरकारी जमीन को व्यक्तिगत बनाने के लिए पूरी योजना बनाकर खेल खेला गया। दो बार में पहले तीन बीघा नौ बिस्वा और फिर चार बीघा जमीन पर कब्जा किया गया। वहीं कृष्ण गोपाल को हाईकोर्ट से स्टे भी मिल गया है। अब उसे जिला प्रशासन खारिज कराएगा। कोई नया निर्माण फिलहाल नहीं होगा।
एसडीएम सदर अभिनव गोपाल के मुताबिक, जमीन के कृष्ण गोपाल तीसरे खरीददार है। मूल चढ़े नाम वाले व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। फिलहाल सरकारी भूमि पर कोई निर्माण कार्य ना हो इसलिए कृष्ण गोपाल को हाई कोर्ट से स्टे भी मिल चुका है।



