Amauli Block : जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं सरहन खुर्द गांव के लोग, एंटी करप्शन ने खंड विकास अधिकारी को फोन के माध्यम से दी थी जानकारी लेकिन अभी तक नहीं हुआ समस्या का निस्तारण
▪️ अगर नहीं हुई कार्यवाही तो विकास खंड का घेराव करेगा एंटी करप्शन
▪️ सरहन खुर्द ग्राम पंचायत के कई घोटालों का एंटी करप्शन ने किया था पर्दाफाश
फतेहपुर: स्वच्छ गांव, स्वच्छ भारत ऐसे कथन केवल सुनने में अच्छे लगते है, जमीनी स्तर पर देखा जाए तो न कोई जनप्रतिनिधि न कोई आधिकारी ध्यान देता है, आपको बता दे एक ऐसा ही दृश्य देखने को मिल अमौली ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरहन खुर्द में जहां मूसलाधार बारिश के चलते जलभराव हो गया,
ग्राम प्रधान व सचिव की नाकामियों के चलते लगभग डेढ़ दर्जन किसानों के घरों के अंदर पानी भर गया, अगर समय रहते नाले व तालाब की सफाई करा दी जाती तो यह जलभराव नहीं होता, आपको बता दे तीन साल पहले पूर्व प्रधान के द्वारा नाला बनवाया गया था, लेकिन मरवाही डेरा जाने वाली सड़क निर्माण में नाला बंद हो गया, तब से प्रधान व सचिव चैन की नींद सो रहे है, और बढ़ी घटना होने का इंतजार कर रहे हैं, नाकामियों के चलते पूरे गांवकी हालत खराब है,
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से तालाब की सफाई नहीं हुई है, जिसके चलते घरों में पानी भर गया है, कोई बड़ी घटना भी घटित हो सकती है, जलभराव के कारण डेंगू, मलेरिया आदि बीमारियों के फैलने का भी डर है, इस बात को लेकर जब खंड विकास अधिकारी विपुल विक्रम सिंह को फ़ोन कर जानकारी दी गई तो उनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई, वही जब सचिव को फोन पर जल भराव की जानकारी दी गई तो सचिव अपना पल्ला झड़ता नजर आया,
ग्रामीणों की समस्या को लेकर एंटी करप्शन ने खंड विकास अधिकारी, सचिव व प्रधान के खिलाफ ग्राम्य विकास मंत्री व जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजा है, और कार्यवाही की मांग की है, एंटी करप्शन के राष्ट्रीय सचिव आश्रय पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायत सरहन खुर्द में कई भ्रष्टाचारो का खुलासा किया गया था, लेकिन अभी तक उन मामलों में सही तरीके से कार्यवाही नहीं हुई, यदि इन सभी मामलों ने सही तरीके से कार्यवाही नही हुई तो संगठन विकास खंड अमौली का घेराव कर जमीनी संघर्ष के लिए बाध्य होगा।
ग्राम प्रधान व सचिव की नाकामियों के चलते लगभग डेढ़ दर्जन किसानों के घरों के अंदर पानी भर गया, अगर समय रहते नाले व तालाब की सफाई करा दी जाती तो यह जलभराव नहीं होता, आपको बता दे तीन साल पहले पूर्व प्रधान के द्वारा नाला बनवाया गया था, लेकिन मरवाही डेरा जाने वाली सड़क निर्माण में नाला बंद हो गया, तब से प्रधान व सचिव चैन की नींद सो रहे है, और बढ़ी घटना होने का इंतजार कर रहे हैं, नाकामियों के चलते पूरे गांवकी हालत खराब है,
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से तालाब की सफाई नहीं हुई है, जिसके चलते घरों में पानी भर गया है, कोई बड़ी घटना भी घटित हो सकती है, जलभराव के कारण डेंगू, मलेरिया आदि बीमारियों के फैलने का भी डर है, इस बात को लेकर जब खंड विकास अधिकारी विपुल विक्रम सिंह को फ़ोन कर जानकारी दी गई तो उनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई, वही जब सचिव को फोन पर जल भराव की जानकारी दी गई तो सचिव अपना पल्ला झड़ता नजर आया,
ग्रामीणों की समस्या को लेकर एंटी करप्शन ने खंड विकास अधिकारी, सचिव व प्रधान के खिलाफ ग्राम्य विकास मंत्री व जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजा है, और कार्यवाही की मांग की है, एंटी करप्शन के राष्ट्रीय सचिव आश्रय पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायत सरहन खुर्द में कई भ्रष्टाचारो का खुलासा किया गया था, लेकिन अभी तक उन मामलों में सही तरीके से कार्यवाही नहीं हुई, यदि इन सभी मामलों ने सही तरीके से कार्यवाही नही हुई तो संगठन विकास खंड अमौली का घेराव कर जमीनी संघर्ष के लिए बाध्य होगा।

