University of Allahabad: विश्वविद्यालय की फीस 400% बढ़ने से परेशान एवं नाराज छात्रों ने विद्यालय परिसर पर किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति को पत्र लिखकर लगाई मदद की गुहार
Allahabad: इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी को लेकर विश्वविद्यालय में करीब 20 दिनों से बवाल मचा है, छात्र सड़कों पर अनशन करने को मजबूर है, आपको बता दें विश्वविद्यालय में 31 अगस्त को फीस में 400 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई थी.
इसके बाद से ही कई विद्यार्थियों ने छात्र संघ भवन के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया, फीस मामले को लेकर इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे फतेहपुर जनपद के छात्र अमन दीप सचान व आश्रय पटेल ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय को पत्र लिखा और कहा कि यूपी के प्रयागराज में स्थित इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय जो कि पूर्वांचल के छात्रों तथा गरीब पिछड़े, मध्यम वर्गीय छात्रों के लिए शिक्षा का केंद्र बना है,
यहां पर कम फीस में छात्र अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त कर लेता है, यहां की वर्तमान फीस में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 400% की वृद्धि कर दी गई है, जिससे आम छात्रों के लिए इतनी फीस दे पाना संभव नहीं है, ज्यादा फीस की वजह से छात्र शिक्षा से वंचित न रह जाए, वहीं दोनों छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की नाकामियों और तानाशाही की वजह से विश्वविद्यालय का पूर्ण रूप से बंटाधार हो गया है, पढ़ाई के नाम पर केवल खानापूर्ति चली रही है।
इसके बाद से ही कई विद्यार्थियों ने छात्र संघ भवन के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया, फीस मामले को लेकर इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे फतेहपुर जनपद के छात्र अमन दीप सचान व आश्रय पटेल ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय को पत्र लिखा और कहा कि यूपी के प्रयागराज में स्थित इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय जो कि पूर्वांचल के छात्रों तथा गरीब पिछड़े, मध्यम वर्गीय छात्रों के लिए शिक्षा का केंद्र बना है,
यहां पर कम फीस में छात्र अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त कर लेता है, यहां की वर्तमान फीस में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 400% की वृद्धि कर दी गई है, जिससे आम छात्रों के लिए इतनी फीस दे पाना संभव नहीं है, ज्यादा फीस की वजह से छात्र शिक्षा से वंचित न रह जाए, वहीं दोनों छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की नाकामियों और तानाशाही की वजह से विश्वविद्यालय का पूर्ण रूप से बंटाधार हो गया है, पढ़ाई के नाम पर केवल खानापूर्ति चली रही है।

