भटगांव में तहसीलदार के आदेश की अवहेलना, विवादित जमीन पर निर्माण जारी

बिलासपुर संभाग हेड: सुखदेव कुमार आज़ाद

भटगांव में तहसीलदार न्यायालय के स्पष्ट स्थगन आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। प्रशासन की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

भटगांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां तहसीलदार न्यायालय के आदेश की खुलेआम अवहेलना करते हुए विवादित भूमि पर निर्माण कार्य जारी है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट रूप से रोक लगाए जाने के बावजूद मौके पर निर्माण कार्य चलता देख सवाल उठ रहे हैं कि क्या कानून सबके लिए समान है?

चार दिसंबर को लगाया गया था स्थगन

तहसीलदार भटगांव द्वारा चार दिसंबर 2025 को आदेश क्रमांक 223 के तहत विवादित भूमि पर अंतरिम स्थगन लगाया गया था। आदेश में स्पष्ट रूप से यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है।

निजी भूमि तोड़कर निर्माण का आरोप

आवेदक परमेश्वर प्रसाद ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी भूमि की पत्थर की दीवार तोड़कर संवरा समाज के उपाध्यक्ष रामकुमार द्वारा अवैध रूप से भवन निर्माण शुरू कर दिया गया। इस संबंध में उन्होंने तहसीलदार न्यायालय में आवेदन देकर निर्माण रोकने की मांग की थी।

पटवारी जांच में भी खुलासा

पटवारी जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि संवरा समाज को केवल 30×30 फीट भूमि आबंटित है, जबकि मौके पर 65×54 फीट क्षेत्र में निर्माण किया जा रहा है। यह तथ्य आदेश उल्लंघन के साथ-साथ अतिक्रमण की ओर भी इशारा करता है।

कार्रवाई न होने पर सवाल

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आदेश के उल्लंघन के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। संवाददाता द्वारा लगातार दो दिनों तक तहसीलदार भटगांव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया।

मामला एसडीएम तक पहुंचा

यह मामला अब एसडीएम बिलाईगढ़ तक पहुंच चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। इससे प्रशासनिक निष्पक्षता और न्यायालयी आदेशों की गरिमा पर सवाल खड़े हो रहे ।

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