Fatehpur Update : कान्हा गौशाला में है गायों का बुरा हाल,जिम्मेदार सो रहे कुंभकर्णी नींद

कान्हा गौशाला में गौवंशों का बुरा हाल, जिम्मेदार सो रहे हैं, कुंभकर्णी नींद
– गौवंशो को भरपेट नहीं दिया जाता चारा जिससे गौवंश भूख की वजह से तड़प तड़प कर त्याग देते हैं प्राण कुछ गौवंश बीमार रहते हैं

 फतेहपुर :- यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ दूसरी बार यूपी की कमान संभालते ही गौवंशो के बारे में आदेश जारी करते हुए साफ शब्दों में कहा था कि गौवंशो के लिए आश्रय स्थल बनाया जाए और सभी गौवंशो को उसी आश्रय स्थल में रखा जाए तथा समय समय पर हरा चारा, भूसा, पशुआहार,चोकर दिया जाए और जो गाय बीमार हो उन्हें सही समय पर सही इलाज की व्यवस्था की जाए।

वहीं यह भी कहा था कि अगर किसी गौशाला से गायों के प्रति लापरवाही बरतने की खबर मिलती है तो सीधे तौर पर वहां के जिला प्रशासन की जिम्मेदारी तय की जाएगी। 
सीएम के इस आदेश का पालन यूपी के कुछ जनपदों में शायद देखने को मिलता हो लेकिन यूपी के फतेहपुर जनपद में उनके आदेशों को साफ तौर पर जिला प्रशासन ठेंगा दिखाते हुए दिखाई दे रहा है।

आपको बताते चलें कि फतेहपुर जनपद में तपस्वी नगर स्थित सब्जी मंडी के पीछे बनी नगरपालिका की मॉडल कान्हा गौशाला में गायों के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस गौशाला में भूख की वजह से तड़प तड़प कर आए दिन दो से तीन गाय मर रही हैं , वहीं आपको बताते चलें कि इस गौशाला में गौवंशो को समय  पर चारा नहीं दिया जाता है, जिस कारण भूख की वजह से गाय कमजोर हो जाती हैं और अंततः अपने प्राण त्याग देती हैं।

वहीं गौशाला के अंदर साफ सफाई की कोई भी व्यवस्था सही नहीं है और गायों को जिस स्थान पर रखा गया है वहां बारिश हो जाने के कारण दलदल हो गया और गायें उसमे फंसी हुई हैं। आपको बता दें कि इस समय गौशाला में लगभग 430 गायें हैं। 
       वहां पर उपस्थित दिल्ली से व्यवस्था देखने के लिए आए संजय सिंह से जानकारी ली गई

तो उन्होंने बताया कि प्रत्येक गाय को छह किलो हरा चारा,दो किलो भूसा,आधा किलो चोकर और आधा किलो पशुआहार दिया जाता है। वहीं आपको बताते चलें कि इस गौशाला में 70 क्विंटल भूसा और हरा चारा 90 क्विंटल बताया जाता है  तथा उनसे गायों के मरने की स्थिति के बारे में जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने बताया कि आज एक गाय एक बछड़ा मरा है  , सोचानें वाली बात यह है

कि एक गाय का दो किलो भूसा और 6 किलो हरा चारा में पेट कैसे भर पाएगा, अगर जिम्मेदार अधिकारी सही जांच करा लें तो कान्हा गौशाला में हो रहे भ्रष्टाचार का पर्दा फास किया जा सकता है और भष्टाचारियों को उचित दंड दिलाया जा सकता है। 
                                                             – रिपोर्ट
                                                           वी के द्विवेदी

                                                         

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