– अवैध हथियारों के मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को कोर्ट ने ठहराया दोषी
– खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री हैं राकेश
UP : सूबे की योगी सरकार का मंत्रिमंडल खतरे में पड़ गया है कोर्ट ने दो मंत्रियों के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिया, जिन नेताओं के खिलाफ वारंट जारी हुआ है उनमें से एक नाम उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान का है जो की 2022 चुनाव से ही बीजेपी में शामिल हुए हैं और मंत्री भी बने हैं,
इनके ऊपर 1991 में अवैध हथियार रखने के मामले को मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी सुनवाई के लिए राकेश सचान शनिवार को कानपुर जिला कोर्ट पहुंचे थे जहां पर कोर्ट ने मंत्री जी को दोषी करार देते हुए गिरफ्तार करने का फैसला सुनाया था लेकिन उससे पहले ही मंत्री जी कोर्ट फरार हो गए ,
इनके ऊपर 1991 में अवैध हथियार रखने के मामले को मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी सुनवाई के लिए राकेश सचान शनिवार को कानपुर जिला कोर्ट पहुंचे थे जहां पर कोर्ट ने मंत्री जी को दोषी करार देते हुए गिरफ्तार करने का फैसला सुनाया था लेकिन उससे पहले ही मंत्री जी कोर्ट फरार हो गए ,
राकेश सचान का बयान :
मिली जानकारी के अनुसार मंत्री जी का बड़ा बयान आया है कि वह सोमवार को कोर्ट में हाजिर होंगे,
मंत्री जी के वकील रामेंद्र कटियार ने बताया कि आज वे सजा होने पर बेल के लिए आवेदन करेंगे
मंत्री जी के वकील रामेंद्र कटियार ने बताया कि आज वे सजा होने पर बेल के लिए आवेदन करेंगे
वहीं इस मामले को लेकर विपक्षी पार्टियां लगातार सरकार पर प्रश्न उठा रही हैं
मंत्री जी का कहना है कि 31 साल पहले मेरे ऊपर आर्म एक्ट का केस लगा था उसमें मैं कोर्ट गया था वहां मुझे जिरह के लिए तारीख देने की बात वकील ने बताई तो मैं कोर्ट से बाहर आ गया लेकिन फाइल लेकर बाहर आने का आरोप बेबुनियाद है ।
2015 में निषादों के आरक्षण देने की मांग के आंदोलन में उग्र होने पर संजय निषाद के ऊपर दर्ज हुआ था मुकदमा
– योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री व निषाद पार्टी के राष्ट्रीय
हैं संजय निषाद
Up : योगी सरकार के ऊपर दूसरे मंत्री जिनके ऊपर मुकदमा दर्ज हुआ है उनका नाम संजय निषाद है कोर्ट ने संजय निषाद के ऊपर गैर जमानती अरेस्ट वारंट जारी कर दिया है
गोरखपुर सीजेएम कोर्ट ने पुलिस को मंत्री जी को गिरफ्तार करके 10 अगस्त तक अदालत में पेश करने का आदेश दिया है
आपको बता दें कि मंत्री जी के ऊपर 2015 में निषादों के आरक्षण देने की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान उग्र होने और भीड़ को भड़काने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।


