Fake Work: फर्जी तरीके से काम दिखाकर रुपए निकलवाने वाले रोजगार सेवक से होगी वसूली

बरेली: आँवला रामनगर ब्लॉक् के एक रोजगार सेवक ने परिवार के लोगों की फर्जी हाजिरी रजिस्टर में दर्ज कर डेढ़ लाख से भी अधिक रुपए परिवार को निकलवा दिए, शिक़ायत पर डीसी मनरेगा की जांच में सही पाए जाने पर अब रोजगार सेवक से वसूली की कार्रवाई की जा रही है,

रामनगर के गांव खरगपुर के तुलाराम ने शिकायत की थी कि रोजगार सेवक अमरपाल ने मनरेगा योजना में बिना काम किए ही उनके खाते में 2800 रुपए डलवा दिए। तुलाराम ने केबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह से शिकायत की थी। इस पर शनिवार को डीसी मनरेगा गंगाराम गांव पहुंचे और लोगों से जानकारी प्राप्त की। इस दौरान तुलाराम ने बताया कि उसने मनरेगा में काम नहीं किया था। रोजगार सेवक ने फर्जी तरीके से काम

किया दर्शाकर उनके खाते में रुपए डलवा दिए। और बैंक में रुपए निकालने को लेकर अपने साथ ले गए। जब बैंक से रुपए निकाले तभी बस रुपए मांगे विरोध करने पर रोजगार सेवक ने उनके रुपए और पासबुक फाड़ डाले

यही नहीं रोजगार सेवक के भाई, पिता और माता के खातों में भी मनरेगा योजना से रुपए डलवा कर फर्जी हाजिरी रजिस्टर में दर्ज की जा रही है। डीसी मनरेगा गंगाराम ने 30 अप्रैल को गांव जाकर इसकी बिंदु बार जांच की। जिसमें पाया गया कि रोजगार सेवक अमरपाल ने अपने माता-पिता और दो भाइयों की मनरेगा में फर्जी तरीके से काम करना दिखाकर

चार साल में एक लाख 81 हजार रुपए निकलवा लिया। जिसकी वसूली के आदेश दिए गए हैं। यही नहीं चार बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं, रोजगार और उसके दोनों भाई भूमिहीन होकर भी फर्जी तरीके से किसान सम्मान निधि प्राप्त कर कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि चार साल से लगातार ग़लत तरीके से मनरेगा में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है

और ग्राम पंचायत से लेकर ब्लाक अधिकािरयों तक किसी की पकड़ में यह मामला नहीं आया। ग्रामीण धीरेन्द्र कुमार वर्मा और तुलाराम ने केबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह से शिक़ायत की जिस पर मंत्री जी ने निष्पक्ष जांच के आदेश दिए थे डीसी मनरेगा गंगाराम गांव पहुंचे और जब सही जांच हुई तो पूरा मामला पकड़ में आ गया। अब रोजगार से इस पूरे रुपए की वसूली की जाएगी।
रिपोर्ट: सुनील कुमार

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