लखनऊ:- भारतीय निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं, उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीनों का वक्त बचा है, तारीखों का ऐलान भी अभी तक चुनाव आयोग के द्वारा नहीं हुआ है, माना जा रहा है कि पांच जनवरी के बाद इलेक्शन कमीशन कभी भी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर सकता है,
अगले हफ्ते से इलेक्शन ऑफिसर्स का इन पांचों राज्यों में दौरा शुरू हो जाएगा, चुनाव तारीखों की घोषणा से पहले निर्वाचन आयोग राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी जरूरी तैयारियों की समीक्षा करेगा, मार्च-अप्रैल में सीबीएसई सहित इन सभी राज्यों के शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। इसको ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग मार्च के पहले हफ्ते तक इन सभी राज्यों में विधानसभा चुनाव समाप्त कराने की तैयारी में है,
वर्ष 2017 में इन राज्यों में 8 मार्च को चुनाव खत्म हो गए थे और नतीजे 11 मार्च को आए थे। उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए यह उम्मीद लगाई जा रही है कि अगले साल 11 या 12 जनवरी को इन पांचों राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान हो सकता है, इनमें चुनाव की अवधि भी पहले की तुलना में छोटी हो सकती है। वर्ष 2017 में इन राज्यों में चुनाव आचार संहिता की कुल अवधि 64 दिनों की थी।
पांचों चुनावी राज्यों को संशोधित वोटर लिस्ट का फाइनल प्रिंट पब्लिश करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं, उत्तर प्रदेश में सात चरण में मतदान कराए जाने की संभावना है, इससे पहले वर्ष 2017 में भी सात से आठ चरण में ही चुनाव संपन्न हुए थे,
भारतीय निर्वाचन आयोग पांचों चुनावी राज्यों में एक ही जगह पर लंबे समय से तैनात मैदानी अधिकारियों को 31 दिसंबर तक ट्रांसफर करने का निर्देश दे चुका है, 31 दिसंबर तक सभी अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
अगले हफ्ते से इलेक्शन ऑफिसर्स का इन पांचों राज्यों में दौरा शुरू हो जाएगा, चुनाव तारीखों की घोषणा से पहले निर्वाचन आयोग राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी जरूरी तैयारियों की समीक्षा करेगा, मार्च-अप्रैल में सीबीएसई सहित इन सभी राज्यों के शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। इसको ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग मार्च के पहले हफ्ते तक इन सभी राज्यों में विधानसभा चुनाव समाप्त कराने की तैयारी में है,
वर्ष 2017 में इन राज्यों में 8 मार्च को चुनाव खत्म हो गए थे और नतीजे 11 मार्च को आए थे। उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए यह उम्मीद लगाई जा रही है कि अगले साल 11 या 12 जनवरी को इन पांचों राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान हो सकता है, इनमें चुनाव की अवधि भी पहले की तुलना में छोटी हो सकती है। वर्ष 2017 में इन राज्यों में चुनाव आचार संहिता की कुल अवधि 64 दिनों की थी।
पांचों चुनावी राज्यों को संशोधित वोटर लिस्ट का फाइनल प्रिंट पब्लिश करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं, उत्तर प्रदेश में सात चरण में मतदान कराए जाने की संभावना है, इससे पहले वर्ष 2017 में भी सात से आठ चरण में ही चुनाव संपन्न हुए थे,
भारतीय निर्वाचन आयोग पांचों चुनावी राज्यों में एक ही जगह पर लंबे समय से तैनात मैदानी अधिकारियों को 31 दिसंबर तक ट्रांसफर करने का निर्देश दे चुका है, 31 दिसंबर तक सभी अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।

