हमीरपुर:- बिवांर पुलिस ने क्षेत्र के मवईजार गांव में मुठभेड़ दौरान अवैध शस्त्र बनाने वाले के साथ शस्त्र खरीदने आए चार लोगों को दबोच लिया। जिसमें बांदा जनपद के गोयरा गांव के प्रधान का हिस्ट्रीशीटर भाई भी शामिल है। जबकि ग्राम प्रधान मौके से भाग निकला,
पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया कि पांच दिसंबर को बिवांर पुलिस अपराधियों की सुराग लगाने को छानी गांव की बाजार में मौजूद थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि मवईजार गांव निवासी पप्पू उर्फ बिंदादीन प्रजापति गांव में इंगोहटा रोड के निकट अपने खेत में बनी झोपड़ी में अवैध तमंचा बना रहा है और कुछ लोग बाहर से तमंचा लेने आ रहे है।
पप्पू पहले भी तीन बार अवैध शस्त्र फैक्ट्री संचालन में पकडा जा चुका था। जिस पर कार्रवाई के लिए थाने से और पुलिस बल बुलाया और थाना प्रभारी बिवार दुर्ग विजय सिंह मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद छह बदमाश पुलिस को देखकर जान से मारने की नियत से फायर करते हुए भागने लगे। जिस पर पुलिस ने अपने को बचाते हुए मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया।
जबकि एक आरोपित अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हुआ। अभियुक्तों के कब्जे से 21 तमंचे, चार जिंदा व तीन खोखा कारतूस, एक 32 बोर खोखा कारतूस व तमंचा बनाने के औजार बरामद हुए। फरार अभियुक्त फीमा उर्फ फहीम पुत्र मजहर हुसैन निवासी ग्राम गोयरा मुगली थाना मटौंध जनपद बांदा है। जो गांव का प्रधान भी है। वह वर्षो तक जेल में रहा और उस पर 19 आपराधिक मामले दर्ज है।
इसका भाई फारुख थाना मटौंध का हिस्ट्रशीटर अपराधी है। जिसके विरुद्ध 12 मुकदमें दर्ज है। जिसे पुलिस ने दबोच लिया। इसके अलावा अवैध शस्त्र बनाने वाले पप्पू उर्फ विंदादीन प्रजापति पुत्र चुनुवाद के साथ जिले के मुस्करा थाने के बसवारी गांव निवासी सोहेल पुत्र इशहाक, राकेश कुमार यादव पुत्र रक्षपाल निवासी अछरेला थाना मौदहा व रामकृपाल पुत्र रामरतन निवासी ग्राम नदेहरा थाना ललुपरा को जेल भेजा है।
सभी पर आम्र्स एक्ट के साथ पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस टीम में थाना प्रभारी के साथ एसआइ अरविंद कुमार मौर्या, हेड कांस्टेबिल मुरलीधर सिंह, कांस्टेबिल प्रसून पांडेय, मोहम्मद मोबीन, शिवपाल सिंह व अतुल रावत मौजूद रहे।
पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया कि पांच दिसंबर को बिवांर पुलिस अपराधियों की सुराग लगाने को छानी गांव की बाजार में मौजूद थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि मवईजार गांव निवासी पप्पू उर्फ बिंदादीन प्रजापति गांव में इंगोहटा रोड के निकट अपने खेत में बनी झोपड़ी में अवैध तमंचा बना रहा है और कुछ लोग बाहर से तमंचा लेने आ रहे है।
पप्पू पहले भी तीन बार अवैध शस्त्र फैक्ट्री संचालन में पकडा जा चुका था। जिस पर कार्रवाई के लिए थाने से और पुलिस बल बुलाया और थाना प्रभारी बिवार दुर्ग विजय सिंह मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद छह बदमाश पुलिस को देखकर जान से मारने की नियत से फायर करते हुए भागने लगे। जिस पर पुलिस ने अपने को बचाते हुए मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया।
जबकि एक आरोपित अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हुआ। अभियुक्तों के कब्जे से 21 तमंचे, चार जिंदा व तीन खोखा कारतूस, एक 32 बोर खोखा कारतूस व तमंचा बनाने के औजार बरामद हुए। फरार अभियुक्त फीमा उर्फ फहीम पुत्र मजहर हुसैन निवासी ग्राम गोयरा मुगली थाना मटौंध जनपद बांदा है। जो गांव का प्रधान भी है। वह वर्षो तक जेल में रहा और उस पर 19 आपराधिक मामले दर्ज है।
इसका भाई फारुख थाना मटौंध का हिस्ट्रशीटर अपराधी है। जिसके विरुद्ध 12 मुकदमें दर्ज है। जिसे पुलिस ने दबोच लिया। इसके अलावा अवैध शस्त्र बनाने वाले पप्पू उर्फ विंदादीन प्रजापति पुत्र चुनुवाद के साथ जिले के मुस्करा थाने के बसवारी गांव निवासी सोहेल पुत्र इशहाक, राकेश कुमार यादव पुत्र रक्षपाल निवासी अछरेला थाना मौदहा व रामकृपाल पुत्र रामरतन निवासी ग्राम नदेहरा थाना ललुपरा को जेल भेजा है।
सभी पर आम्र्स एक्ट के साथ पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस टीम में थाना प्रभारी के साथ एसआइ अरविंद कुमार मौर्या, हेड कांस्टेबिल मुरलीधर सिंह, कांस्टेबिल प्रसून पांडेय, मोहम्मद मोबीन, शिवपाल सिंह व अतुल रावत मौजूद रहे।
रिपोर्ट राम लखन,ब्यूरो चीफ

