फाइलेरिया ग्रसित मरीजों की काउंसिलिंग, भ्रांतियां की दूर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया सर्वाधिक प्रभावित टेढ़ा गांव का भ्रमण

हमीरपुर:- फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुमेरपुर ब्लाक के सर्वाधिक प्रभावित टेढ़ा गांव का भ्रमण कर स्थिति की जांच-पड़ताल की। टीम ने मरीजों और आशा कार्यकर्ताओं की काउंसिलिंग की। आशा कार्यकर्ताओं को मरीजों की देखरेख को लेकर एमएमडीपी किट का भी वितरण किया।

ग्रामीणों को जागरूक कर फाइलेरिया से बचाव लेकर दवा खाने को प्रेरित किया, सुमेरपुर ब्लाक में फाइलेरिया से ग्रसित मरीजों की संख्या 278 है। इनमें 29 मरीज अकेले टेढ़ा गांव के हैं। ज्यादातर को हाथ और पैर में फाइलेरिया की शिकायत है। सोमवार को जिला मलेरिया अधिकारी आरके यादव, पीसीआई के जिला समन्वयक पीएस कटियार ने गांव का भ्रमण कर मरीजों और आशा कार्यकर्ताओं की काउंसिलिंग की।

आशा कार्यकर्ताओं के साथ गांव का भ्रमण किया। मरीजों से यह जानने का प्रयास किया कि उनके घर में उनके अलावा और किसी को तो फाइलेरिया की शिकायत नहीं है, भ्रमण के बाद टीम ने गांव के उपकेंद्र में आशा कार्यकर्ताओं को मरीजों की देखरेख को लेकर एमएमडीपी किट का वितरण किया। आशा कार्यकर्ताओं को बताया गया कि उन्हें किस प्रकार से मरीजों का उपचार करना है।

जिला मलेरिया अधिकारी आरके यादव ने बताया कि गांव में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिला रहे हैं। दवा खाने के बाद किसी को मामूली रियेक्शन हुआ भी तो वो कुछ मिनट बाद स्वत: ठीक हो गया, पीसीआई के जिला समन्वयक पीएस कटियार ने भी लोगों को फाइलेरिया को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया और झाड़-फूंक से बचते हुए उपचार कराने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि फाइलेरिया ग्रसित मरीज साल में चार बार 12-12 दिन का दवा का कोर्स करे तो फाइलेरिया के संक्रमण को रोका जा सकता है। इस दौरान गांव की एएनएम रीता सोनी भी मौजूद रही।
रिपोर्ट राम लखन,ब्यूरो चीफ

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