जालौन:- मजहबे इस्लाम के मानने वाले लोग हर साल ग्यारहवीं शरीफ के चांद की 11 तारीख को हुज़ूर गौस-ए-पाक की याद में बड़ी ही शानो शौकत से ग्यारहवीं शरीफ का पर्व कालपी में मनाया गया। एवं मोमिनों ने अपनी-अपनी अक़ीदत के नज़राने को पेश किये।
बीती रात को कालपी के प्रसिद्ध मदरसा गौसिया मजीदिया में जश्न ग़ौसुल वरा कार्यक्रम मनाया गया।जलसे में मुस्लिम धर्मगुरुओ ने बड़े पीर साहब के बताते रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
बीती रात को कालपी के प्रसिद्ध मदरसा गौसिया मजीदिया में जश्न ग़ौसुल वरा कार्यक्रम मनाया गया।जलसे में मुस्लिम धर्मगुरुओ ने बड़े पीर साहब के बताते रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
जलसे की सरपरस्ती करते हुए खानकाह मोहम्मदिया कालपी शरीफ के साहिबे सज्जादा सय्यद मौलाना गयासुद्दीन मियां कादरी ने कहा कि गौस-ए-आज़म की मोहब्बत में अगर हम जलसे करते हैं लंगर करते है तो हमें उनके फरमान पर भी अमल करना होगा हमें नेक बनना होगा, जलसे को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि(खुसूसी खतीब) हजरत अल्लामा मौलाना सय्यद आमिर रब्बानी मसऊदी(बाँदा) ने कहा कि हुजूर गौस पाक का मर्तबा बहुत बड़ा है। जिस तरह नबियों में हमारे नबी हुज़ूर नबी ए करीम सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम का मर्तबा सबसे ऊंचा है। उसी तरह तमाम वलियों में गौस पाक का मर्तबा मुकाम सबसे ऊंचा बलन्द है।
हमें गौस-ए-पाक ने जिस नेक राह पर चलने की नसीहत फ़रमाई है हमें उन्ही नेक राह पर अपनी जिंदगी को गुजरना चाहिए। जलसे में मुफ्ती ए शहर हजरत मुफ्ती अशफाक साहब ने भी अपनी तकरीर करके लोगों को बताया कि हमें बेसहारा मज़लूमो की मदद करते रहना चाहिए। बड़ी मस्जिद के इमाम हाफिज इरशाद अशरफी ने जलसे में शामिल तमाम उल्मा व मेहमानों का खैर मकदम(स्वागत) किया, मदरसे के प्रिंसिपल मुफ्ती तारिक बरकाती साहब व कारी अब्दुल कादिर साहब ने फूल माला पहनाकर सम्मान किया।
जलसे का संचालन मौलाना मोहसिन ने किया । गुलाम वारिस ने बेहतरीन अंदाज में मनकबत व कलाम प्रस्तुत किये। इस मौके पर मौलाना जियाउद्दीन, मौलाना अबसार, कारी अहसान, हाफिज सलीम, हाजी मुजीब अल्लामा,
हाफिज जीलानी, हाफिज नौशाद, हाफिज इरफान, हाफिज वसीम, इलियास रहमानी,वसीम खलीफा, हारुन अंसारी, सुलेमान अंसारी, शाकिर बाबा, एनुलहसन मंसूरी समेत सैकड़ों लोगों ने शिरकत की प्रोग्राम से पहले चेयरमैन जगजीवन अहिरवार, मुकीम अंसारी, सपा नेता अजीत सिंह यादव, पूर्व चेयरमैन कमर अहमद ने भी शिरकत की।
हमें गौस-ए-पाक ने जिस नेक राह पर चलने की नसीहत फ़रमाई है हमें उन्ही नेक राह पर अपनी जिंदगी को गुजरना चाहिए। जलसे में मुफ्ती ए शहर हजरत मुफ्ती अशफाक साहब ने भी अपनी तकरीर करके लोगों को बताया कि हमें बेसहारा मज़लूमो की मदद करते रहना चाहिए। बड़ी मस्जिद के इमाम हाफिज इरशाद अशरफी ने जलसे में शामिल तमाम उल्मा व मेहमानों का खैर मकदम(स्वागत) किया, मदरसे के प्रिंसिपल मुफ्ती तारिक बरकाती साहब व कारी अब्दुल कादिर साहब ने फूल माला पहनाकर सम्मान किया।
जलसे का संचालन मौलाना मोहसिन ने किया । गुलाम वारिस ने बेहतरीन अंदाज में मनकबत व कलाम प्रस्तुत किये। इस मौके पर मौलाना जियाउद्दीन, मौलाना अबसार, कारी अहसान, हाफिज सलीम, हाजी मुजीब अल्लामा,
हाफिज जीलानी, हाफिज नौशाद, हाफिज इरफान, हाफिज वसीम, इलियास रहमानी,वसीम खलीफा, हारुन अंसारी, सुलेमान अंसारी, शाकिर बाबा, एनुलहसन मंसूरी समेत सैकड़ों लोगों ने शिरकत की प्रोग्राम से पहले चेयरमैन जगजीवन अहिरवार, मुकीम अंसारी, सपा नेता अजीत सिंह यादव, पूर्व चेयरमैन कमर अहमद ने भी शिरकत की।

