फतेहपुर:- जानकारी के मुताबिक विजयीपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत रायपुर भसरौल में आज भी कई जगह दलदल भरे रास्तों को लेकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हो सका है जबकि भाजपा सरकार के साढ़े साल विकास के बात करते-करते बीत गए ज्ञात हो कि विजयीपुर विकासखंड के दूसरी सबसे बड़ी ग्राम पंचायत रायपुर भसरौल में यह करीब 52 गांव हैं पर आज इस ग्राम पंचायत में ही कई ऐसे गांव हैं,
जहां आने जाने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं है इसमें से एक है अगलेहार जहां पर प्राथमिक विद्यालय भी बना हुआ है पर ना तो उस गांव को जाने के लिए कोई पक्का मार्ग है और ना ही उस विद्यालय में जाने के लिए किसी पक्के मार्ग का निर्माण कराया गया है जिससे आज भी बरसात के मौसम में उस गांव में अगर कोई बीमार पड़ जाए तो सरकारी एंबुलेंस तक गांव में नहीं पहुंच पाती और ना ही अगलेहार में बने प्राथमिक विद्यालय में नौनिहाल शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंच पाते हैं जबकि जनपद की सभी विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का ही कब्जा है,
जनपद में एक लोकसभा सीट उस पर भी वर्तमान सरकार भाजपा का कब्जा है जनपद से तीन मंत्री हैं बावजूद इसके भी रास्तों की हालत खस्ता है, वहीं सबसे बड़ी हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी ग्राम पंचायत में साल में करोड़ों रुपया खर्च करने वाली सरकार क्या कभी जिम्मेदारों से लेखा-जोखा नहीं लेती या फिर कभी कोई प्रतिनिधि इन गांव में जनता से मिलने नहीं जाता या फिर यह कहें कि यह सब जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते हो रहा है।
जहां आने जाने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं है इसमें से एक है अगलेहार जहां पर प्राथमिक विद्यालय भी बना हुआ है पर ना तो उस गांव को जाने के लिए कोई पक्का मार्ग है और ना ही उस विद्यालय में जाने के लिए किसी पक्के मार्ग का निर्माण कराया गया है जिससे आज भी बरसात के मौसम में उस गांव में अगर कोई बीमार पड़ जाए तो सरकारी एंबुलेंस तक गांव में नहीं पहुंच पाती और ना ही अगलेहार में बने प्राथमिक विद्यालय में नौनिहाल शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंच पाते हैं जबकि जनपद की सभी विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का ही कब्जा है,
जनपद में एक लोकसभा सीट उस पर भी वर्तमान सरकार भाजपा का कब्जा है जनपद से तीन मंत्री हैं बावजूद इसके भी रास्तों की हालत खस्ता है, वहीं सबसे बड़ी हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी ग्राम पंचायत में साल में करोड़ों रुपया खर्च करने वाली सरकार क्या कभी जिम्मेदारों से लेखा-जोखा नहीं लेती या फिर कभी कोई प्रतिनिधि इन गांव में जनता से मिलने नहीं जाता या फिर यह कहें कि यह सब जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते हो रहा है।
रिपोर्ट वी के द्विवेदी, ब्यूरो चीफ

