जालौन:- शनिवार को यमुना नदी की बाढ़ की चपेट में आकर आधा दर्जन युवकों से भरी नाव पलट गई। इस हादसे में आधा दर्जन लोग डूब गए जिनमें 2 लोगों को कूदकर जान बचा ली जबकि चार युवकों का पता नहीं चल सका सूचना पाकर प्रशासनिक अमले के साथ एनडीआरएफ की टीम ने डूबे युवकों की तलाश शुरू कर दी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक शनिवार को आधा दर्जन युवक यमुना नदी की बाढ़ को देखने के लिए कालपी नगर के मंगरोल रोड में पहुंच गए शाम करीब 4:30 बजे सभी युवक एक प्राइवेट नाव में बैठकर सलार सोख्ता दरगाह के पास घूमने लगे
इसी दौरान नाव का संतुलन बिगड़ गया फल स्वरूप भीषण बाढ़ मैं पलट गई 9 पलटते ही सवारियों में कोहराम मच गया नाविक ने जैसे तैसे तैर कर अपनी जान बचा ली जब की सोनू श्रीवास्तव पुत्र केशव बेरी तथा अरमान पुत्र एहसान निवासी पीली कोठी पाठक पूरा उरई ने हाथ पैर जल चलाकर तैरते हुए किनारे निकल आए इस दुर्घटना के दौरान नाव में सवार तोहिद रहमान पुत्र अशफाक निवासी कब्रिस्तान उरई सोनू पुत्र सुनना निवासी मोहल्ला बघौरा उरई देवेश गुप्ता पुत्र राम जी बस स्टॉप उरई तथा गौरव सोनी पुत्र राम सहोदर निवासी मोहल्ला आलमपुर कस्बा कालपी डूब गए नाव के डूबने की खबर पाकर उप जिलाधिकारी कौशल कुमार तहसीलदार बलराम गुप्ता एनडीआरएफ की टीम को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे बचाओ की टीम घटनास्थल पर नदी के गहरे पानी में दूबे युवकों को ढूंढने में जुटी हुई है लेकिन यमुना की बाढ़ की के कारण बचाव टीम को कोई सफलता समाचार लिखने तक नहीं मिल सकी।
इसी दौरान नाव का संतुलन बिगड़ गया फल स्वरूप भीषण बाढ़ मैं पलट गई 9 पलटते ही सवारियों में कोहराम मच गया नाविक ने जैसे तैसे तैर कर अपनी जान बचा ली जब की सोनू श्रीवास्तव पुत्र केशव बेरी तथा अरमान पुत्र एहसान निवासी पीली कोठी पाठक पूरा उरई ने हाथ पैर जल चलाकर तैरते हुए किनारे निकल आए इस दुर्घटना के दौरान नाव में सवार तोहिद रहमान पुत्र अशफाक निवासी कब्रिस्तान उरई सोनू पुत्र सुनना निवासी मोहल्ला बघौरा उरई देवेश गुप्ता पुत्र राम जी बस स्टॉप उरई तथा गौरव सोनी पुत्र राम सहोदर निवासी मोहल्ला आलमपुर कस्बा कालपी डूब गए नाव के डूबने की खबर पाकर उप जिलाधिकारी कौशल कुमार तहसीलदार बलराम गुप्ता एनडीआरएफ की टीम को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे बचाओ की टीम घटनास्थल पर नदी के गहरे पानी में दूबे युवकों को ढूंढने में जुटी हुई है लेकिन यमुना की बाढ़ की के कारण बचाव टीम को कोई सफलता समाचार लिखने तक नहीं मिल सकी।
रिपोर्ट अजय बाजपेई, ब्यूरो चीफ

