MP Mahila Surksha: छतरपुर में महिला शक्ति् एवं पंचायत समन्वय समिति के सशक्तीकरण से महिलाओ को मिलेगा बरावरी का दर्जा

छतरपुर:- महिला आधारित हिंसा को कम करने एवं महिलाओ के विकास में बाधा बनने बाली कुप्राथा को समाप्त करने के लिये पंचायत का सशक्तीकरण,महिला शक्ति् एवं पंचायत समन्वय समिति के सशक्तीकरण से महिलाओ को मिलेगा बरावरी का दर्जा,स्वयं सेवी संस्था समर्थन यूएनएफपीए भोपाल के सहयोग से जिले में जेन्डर आधारित हिंसा एवं महिलाओ से जुड़ी कुप्राथा को कम करने के लिये ग्राम पंचायत एवं स्थानीय संगठनो को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।  संस्था जिले में कई स्तर के प्रयास कर रही है

इसी कड़ी में ग्राम पंचायत समन्वय समिति एवं महिला शक्ति समूह का सशक्तीकरण कार्य किया जा रहा है। 8 विकासखण्ड के 80 ग्राम पंचायत में यह संगठन तैयार किया गया है। जनवरी से जून महीने तक ग्राम  स्तर पर 480 वेठके  जिसमें 7000 हजार से ज्यादा महिलाओ ने भाग लिया । पंचायत में जीपीडीपी, महिला सुरक्षा आॅंडिट कर अपनी कार्ययोजना वनाकर पंचायत के ई—ग्राम स्वाराज पोर्टल पर दर्ज करने के लिये पंचायत को सौप चुकी महिलाओ ने अपने कार्ययोजना को जमीन पर उतारने के लिये लगातार पंचायत में गठित समिति जीपीसीसी की वैठक का हिस्सा बन रही है।

पंचायत की वैठक एवं जीपीसीसी की वैठक में 37 प्रतिशत से ज्यादा महिलाए अपनी भागीदारी निभा रही  है।पंचायत में महिलाओ के सुरक्षा के लिये 354 कार्य दिये गये है जिसमें काम भी चालू हो चुके है। कई जगह पर स्नानघर, शौचालय एवं पानी की टंकी सहित जानवरो की भी चिन्ता महिलाओ ने की है। वे भी प्रक्रिया में है।

महिला मुददा चौपाल 80 पंचायत में से 38 में हुआ जो मार्च के पहले ही हुआ दूसरा चरण अभी जुलाई अगस्त में यदि लॉंकडाउन और कोराना नही बढ़ा तो होगे जिससमें महिलाए हिस्सेदारी कर अपनी वात मंच पर रखती है। उससे पंचायत को काम करने में आसानी हो रही है।

हमारी वेटिया,हमारा उत्साह एवं जिले में चल रहे बेटी बचाओ ,वेटी पढ़ाओ अभियान,वनस्टाफ सेंन्टर में महिलाओ को दी जाने वाली सेवाओ को गांव तक पहुचाने का एक माध्यम भी समूह है। महिला सुरक्षा  से जुड़ी हेल्पलाईन 181, 100 नम्वार एवं कई ओर नम्वार है जो महिला सुरक्षा के लिये काम आ रहे है। समर्थन लगातार आठ ब्लाक के 80 ग्राम पंचायत में महिला हितैषी संकेतांक को पूरा करने में लगी हुई है। 

महिला तिैषी पंचायत के सकेतांक ये है यदि पूरे हो जाये तो जिले में वदलाव एवं महिला हितैष लहर आ सकती है । 
1. घरेलू हिंसा से मुक्त
2. डर एवं आशंका वाले रास्ते  की निगरानी
3. सुरक्षित कार्य स्थल
4. सुरक्षित सार्वजनिक स्थल

5. बालिकाओ का सुरक्षित एवं बगैर किसी डर के स्कूल जाना

6. कुप्राथाओ का उनमुलन, दहेज,बालविाह
7. गांव के प्रमुख स्थानो पर प्रकाश
8. हर घर में शौचालय
संस्था पंचायत स्तर पर पूरा प्रयास कर रही है की सभी संकेतांक को प्राप्त कर महिला हिंसा मुक्त जिले के लिये एक कदम हो।
रिपोर्ट पुष्पेंद्र सिंह चौहान

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