कानपुर:- नगर निगम आई कार्ड के बिना सड़क पर ठेले या फेरी लगाकर सामान बेचने वालों पर कार्रवाई करेगा. इसके लिए स्ट्रीट वेंडर्स (Street vendor’s) और जोनल कार्यालय से 200 रुपये देकर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। पूरा देश कोरोना वायरस (Coronavirus) की महामारी से जंग लड़ रहा है. जहां एक तरफ योगी सरकार प्रवासियों को रोजगार मुहैया करा रही हैं. वहीं कानपुर (Kanpur Nagar Nigam) नगर निगम अब स्ट्रीट वेंडर रुपये वसूलेगा. दरअसल आय का स्रोत बढ़ाने के लिए 3000 से ज्यादा स्ट्रीट वेंडरों से 200 रुपये प्रति वेंडर के हिसाब से वसूली का लक्ष्य रखा है. एक और स्ट्रीट वेंडर चयनित किए जाएंगे तो वही आय का स्रोत भी बढ़ेगा।
नगर निगम आई कार्ड के बिना सड़क पर ठेले या फेरी लगाकर सामान बेचने वालों पर कार्रवाई करेगा. इसके लिए स्ट्रीट वेंडर्स और जोनल कार्यालय से 200 रुपये देकर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है. जिसको लेकर नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. यह सभी स्ट्रीट वेंडरों को आई कार्ड दिए जाएंगे.
इन आई कार्ड के माध्यम से जहां एक और अवैध रूप से घूम रहे वेंडरों पर अंकुश लग पाएगा तो वहीं नगर निगम की आय का स्रोत भी बढ़ेगा. इसकी शुरुआत 1 जुलाई से की जाएगी नगर निगम ने रजिस्ट्रेशन के लिए सर्वे शुरू कर दिया है. वर्तमान में 5000 से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर सड़कों पर है।
जोनल कार्यालय में रजिस्ट्रेशन का कैंप बनाया जा रहा है. जहां से आई कार्ड वितरित किए जाएंगे. जिसके लिए बैंक की पासबुक, आधार कार्ड की फोटो कॉपी, दो फोटो लेकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है. शहर के अंतर्गत 6 जोन है जिसमें 3225 स्ट्रीट वेंडर अभी तक चयनित किए गए हैं. 1 जुलाई से जिन्हें आई कार्ड दिया जाएगा. यानी कहीं ना कहीं हर साल अब नगर निगम को इन वेंडरों के माध्यम से लाखों रुपया की आमदनी होगी. स्ट्रीट वेंडर एसोसिएशन के विमलेश कुमार ने बताया प्रदेश के अन्य जनपदों में भी ठेला और रेडी लगाई जाती है. मगर कहीं ऐसा प्रावधान नहीं है, जहां 200 देकर कार्ड मिले।
रिपोर्ट विनय मिश्रा
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