UttarPradesh: कालपी की पहचान यमुना नदी का अस्तित्व खतरे में, तट पर रहता गंदगी का अम्बार

कालपी की पहचान यमुना नदी का अस्तित्व खतरे में, तट पर रहता गंदगी का अम्बार

(इंडिपेंडेंट इंडिया ब्यूरो)जालौन:- जनपद जालौन की यमुना तट पर स्थित ऐतिहासिक नगरी कालपी का गौरव बढ़ाने वाली यमुना नदी का अस्तित्व गिरता जा रहा है लोगों की धार्मिक आस्था विलुप्त होती जा रहीं है आज लोगों ने यमुना नदी को कूड़ा फेकने का स्थान बना लिया है। यमुना नदी के बिहारी

घाट पर हालात ये हैं कि नदी के किनारों पर जमा कचरा इतना बदबूदार हो गया है कि इस तट पर लोग घूमने तो दूर बैठना भी पसंद नहीं करते हैं। घाट पर स्थित बिहारी जी के मन्दिर में बैठे कुछ नगर समाजसेवियों ने बताया कि नदी किनारे सबसे ज्यादा गंदगी तब फैलती है जब शमशान घाट पर पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देने के लिये नगर पालिका द्वारा स्थान सुनिश्चित

होने पर भी लोग पार्थिव शरीर को कहीं भी किनारे पर जगह देख मुखाग्नि देते नजर आते हैं। इलेक्ट्रिक शमशान घाट की बात रखते हुए लोगों ने ध्यान इंगित किया है कि आला अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते तो समस्या बहुत गंभीर

होगी। यमुना तट पर सफाई कराते हुए सौंदयीकरण के रूप में पेड़ पौधों आदि को लगाया जाय जिससे यमुना के गिरते जल स्तर को स्थिर कर नदी व नदी पर निर्भर मानव जीवन का अस्तित्व बचाया जा सके।

By Ajay Bajpai, Bureau Chief Jalaun

संपादक के बारे में

Scroll to Top