दोस्ती निभाएं तो कृष्ण-सुदामा जैसी: कथा व्यास सोनिका
फतेहपुर
अमौली: मित्रता में जाति, धर्म, ऊंच-नीच, गरीबी-अमीरी नहीं होती। मित्रता में छल, कपट भी नहीं होता। मित्रता हर रिश्ते से ऊपर होती है। इस बात को स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा से अपनी दोस्ती का निर्वहन कर उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह बात अमौली विकास खंड के बंबुरिहापुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते हुए कथा वाचक सोनिका जी ने बताया। श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन राजकुमार पटेल के द्वारा कराया जा रहा है। जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों भक्तों की भीड़ उमड़ रही है।
कथा व्यास सोनिका जी ने श्रीकृष्ण और सुदामा चरित्र का इस प्रकार मनमोहक वाचन किया कि लोगों की आंखों से अश्रुधारा बहने लगी। उन्होंने कथा में अनेकों सीख भी दीं। उन्होंने कृष्ण और सुदामा की दोस्ती की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि गुरु संदीपनी के आश्रम में एक बार गाय चराने के दौरान सुदामा ने कृष्ण के हिस्से के चने खा लिए। इस कारण उन्हें लंबे समय तक गरीबी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा
यदि कोई अपने मित्र को धोखा देता है। तो उसे इसका खामियाजा यहीं भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हमारी हर पल की गतिविधियों पर ईश्वर की निगाह रहती है। उन्होंने कहा कि दोस्ती सदैव कृष्ण की तरह निभानी चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मित्र सुदामा को उसकी आवश्यकता को भांपकर बिना मांगे मदद की। इस मौके पर उन्होंने सभी से इस रिश्ते की पवित्रता को बनाए रखने का आह्वान किया। वहीं बंबुरिहापुर के कलाकारों के द्वारा अनेक प्रकार की झांकी प्रस्तुत की गई। श्वेता, राखी पटेल के सुंदर झांकी प्रस्तुत की गई। जिसे देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए। गांव के ही हास्य कलाकार विजय का अभिनय देखकर लोटपोट हो गए। कार्यक्रम के संचालक संजय पटेल ने आए हुए भक्तों के प्रति अभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि आठ मार्च सोमवार को भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सभी लोग सादर आमंत्रित है।
ब्यूरो इंडिपेंडेट इंडिया


