फतेहपुर में जंगल गई दो सगी बहनों की निर्ममता से हत्या, दोनों आंखें फोड़कर शव को तालाब किनारे फेंका
फतेहपुर
असोथर थाने के छिछनी गांव में भैयादूज के दिन सोमवार दोपहर चना का साग तोडऩे के लिए जंगल गई दो बहनों की क्रूरतापूर्वक आंखे फोड़कर हत्या कर दी गई और उनके पैर बांधकर सिंघाड़ा के तालाब के किनारे फेंक दिया गया। दोहरे हत्याकांड की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई। देर रात तक घटनास्थल पर पुलिस फोर्स मुस्तैद रहा।
नुकीली वस्तु से फोड़ी गई बहनों की आंखें
छिछनी गांव निवासी दिलीप धोबी की 11 वर्षीय पुत्री किरन व 08 वर्षीय छोटी बेटी शुभि देवी दोपहर को घर से निकलकर खेत में चने का साग तोडऩे गई थी। देर शाम तक जब सगी बहनें घर नहीं आई तो स्वजन ने उनकी खोजबीन शुरू की। देर शाम स्वजन व ग्रामीण सिंघाड़ा बोए तालाब के पास पहुंचे तो वहां पर सगी बहनों के शव आस-पास पड़े हुए थे। ग्रामीणों की मानें तो दोनों बहनों की आंखें किसी नुकीली वस्तु से फोड़ी गईं थी क्योंकि खून बह रहा था। उसके साथ ही दोनो के पैर बंधे हुए थे।
ग्रामीणों की सूचना मिलते ही एसओ रणजीत बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और शवों को बरामद किया। एसओ का कहना था कि पानी में डुबो-डुबोकर हत्या करने का मामला प्रतीत हो रहा है।

