National Unity Day 2020: पीएम मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को दी श्रद्धांजलि, एकता दिवस परेड का किया निरीक्षण

National Unity Day 2020: पीएम मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को दी श्रद्धांजलि, एकता दिवस परेड का किया निरीक्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दौरे के पहले दिन केवडिया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा किया और सरदार सरोवर डैम के लिये डायनमिक लाइटिंग का उद्घाटन किया. 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के पहले उप प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को उनकी 145वीं जयंती पर आज विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. केंद्र सरकार लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय अखंडता दिवस के रूप में मना रही है. आजादी के बाद भारत के एकीकरण में सरदार वल्लभ भाई पटेल का योगदान अतुलनीय है और प्रधानमंत्री मोदी इसी योगदान को सम्मान देने के लिए गुजरात पहुंचे हैं.  
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दौरे के पहले दिन केवडिया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा किया और सरदार सरोवर डैम के लिये डायनमिक लाइटिंग का उद्घाटन किया. साथ ही यूनिटी ग्लो गार्डन, कैक्टस गार्डन का दौरा भी किया. प्रधानमंत्री मोदी ने आरोग्य वन, एकता मॉल और चिल्ड्रन न्यूट्रिशन पार्क का भी उद्घाटन किया. यहां न्यूट्री ट्रेन की सवारी भी की. सरदार पटेल की जंयती को देश भर में एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है.
एकता दिवस परेड का निरीक्षण
प्रधानमंत्री गुजरात के दो दिन के दौरे पर गये हुए हैं. प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद देशवासियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई. इस परेड में केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, सीमा सुरक्षा बल, भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के जवान शामिल हुए. केवडिया की आदिवासी विरासत को भी एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए लोगों के सामने प्रदर्शित किया गया.
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
सरदार पटेल ने 565 रियासतों का विलय कर भारत को एक राष्ट्र बनाया था. गौरतलब है कि गुजरात में सरदार पटेल की याद में 182 फीट ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई गई है. सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के खेड़ा जिले में हुआ था. सरदार पटेल का निधन 15 दिसंबर 1950 को मुंबई (महाराष्ट्र) में हुआ था. सरदार पटेल को साल 1991 में मरणोपरान्त ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था.
राष्ट्रीय एकता दिवस: एक नजर में
राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day)  प्रत्येक साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है. साल 2014 से हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है. देश इस वर्ष स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभभाई पटेल की 145वीं जयंती मना रहा है. सरदार पटेल के राष्ट्र को एकजुट करने के प्रयासों को स्वीकार करने के लिए राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है.
राष्ट्रीय एकता क्यों मनाई जाती है?
भारत जैसा देश, जो विविधताओं से भरा है, जहां धर्म, जाति, भाषा, सभ्यता और संस्कृतियां, एकता को बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है. यह दिन भारतीय इतिहास में पटेल के योगदान के बारे में जागरूकता फैलाने का उद्देश्य रखता है. सरदार पटेल भारत के एकीकरण के लिए जाने जाते हैं, इसलिए राष्ट्रीय एकता दिवस उनकी जयंती (31 अक्टूबर) को हर साल मनाया जाता है.
राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व
राष्ट्रीय एकता दिवस हमारे देश की अंतर्निहित ताकत और लचीलापन को फिर से जोड़ने, एकता और अखंडता के लिए वास्तविक और संभावित खतरों का सामना करने का अवसर और हमारे देश की सुरक्षा प्रदान करेगा. इस दिन, लोग सरदार पटेल के महान कार्यों को याद करते हैं और राष्ट्रीय एकता दिवस मनाते हैं. देश के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न कार्यक्रम, वेबिनार और सेमिनार आयोजित किए जाते हैं.

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