दिलीप कुमार स्मारक महाविद्यालय में स्नातक की परीक्षाएं शुरू, कोविड नियमों का पूरा ध्यान

दिलीप कुमार स्मारक महाविद्यालय में स्नातक की परीक्षाएं शुरू

रिपोर्ट- शुभम भारती, जहानाबाद/फतेहपुर


विद्यालय के मुख्य गेट पर तापमान जांच करने की व्यवस्था
कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए देश के ज्यादातर राज्यों में स्कूल कॉलेजों के साथ ही निजी कोचिंग संस्थानों को भी बंद कर दिया गया था जिससे कई तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स का सबसे अधिक नुकसान हो रहा था इस सब का प्रभाव परीक्षाओं में पढ़ रहा है। जो स्टूडेंट बहुत समय से इन परीक्षाओं की तैयारी में लगे हुए थे वह बहुत परेशान हैं क्योंकि इसका सीधा असर उनके करियर पर पड़ेगा। लगभग 6 महीने के कोरोना वैश्विक महामारी काल के बाद अब विश्वविद्यालय की बीए व बीएससी तीसरे वर्ष की परीक्षाएं शुक्रवार से पुनः दो पालीयों में प्रारंभ हो गई है।
जिससे महाविद्यालयों में शुक्रवार से परीक्षा शुरू होने के कारण परीक्षार्थियों की चहल-पहल बढ़ गई। 6 माह पूर्व से लगे लॉकडाउन के बाद से विद्यालय में छुट्टी होने से यहां किसी की आवाजाही नहीं थी लेकिन आज शुक्रवार से परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने से परीक्षार्थियों की आवाजाही के साथ ही स्टाफ भी ड्यूटी पर लौट आया है।
जनपद के जहानाबाद कस्बे में स्थित स्वर्गीय दिलीप कुमार स्मारक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लॉकडाउन के बाद शुक्रवार से बीए व बीएससी की तीसरे वर्ष की परीक्षाएं कोरोना गाइडलाइन के अनुसार सकुशल संपन्न हुई। महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ बलराम सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की संपूर्ण परीक्षाएं लॉकडाउन के कारण 17 मार्च को स्थगित कर दी गई थी जिससे स्नातक की बीए व बीएससी की परीक्षाएं स्थगित थी। विश्वविद्यालय की स्थगित परीक्षाएं 18 सितंबर से पुनः दो पालीयों में प्रारंभ हो गई है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में शुक्रवार को प्रथम पाली में बीए के गृह विज्ञान व द्वितीय पाली में बीएससी के रसायन विज्ञान की परीक्षा कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए सकुशल संपन्न हुई। इसी बीच सभी छात्र/ छात्राओं को कॉलेज में मुख्य गेट में प्रवेश के समय मास्क, सेनेटाइजर व पीने के लिए पानी लेकर अंदर आने की अनुमति दी गई। परीक्षार्थी परीक्षा में प्रयोग होने वाले सामग्रियों के अलावा किसी भी सामग्री को अंदर लेकर नहीं जा सकते। वही मुख्य दरवाजे से प्रवेश के समय महाविद्यालय के कर्मचारियों द्वारा परीक्षार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग के माध्यम से तापमान को भी जांचा जा रहा है। वही परीक्षार्थियों के बैठने के लिए एक कक्ष में सिर्फ बीस परीक्षार्थी बैठने व नकल विहीन परीक्षा करने की व्यवस्था की गई है।

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