मारपीट के इलाज के बाद एक बार फिर हुई रेप पीड़िता की हालत खराब।

मारपीट के इलाज के बाद एक बार फिर हुई रेप पीड़िता की हालत खराब।
 “घटना के एक साल बीत जाने के बाद  भी आरोपियों की नहीं हुई गिरफ्तारी।”

 संवाद सूत्र/अमौली/फतेहपुर


“घटना के साक्ष्य मिटाने को लेकर आरोपी कर रहे तरह-तरह की साजिश।”
“पीड़िता अस्पताल में जिंदगी और मौत से रही है लड़।”
फतेहपुर जनपद मे रेप पीड़िता पर हुए हमले के बाद सही इलाज ना मिल पाने के कारण एक बार फिर रेप पीड़िता की हालत खराब हो गई। जनपद के चांदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती के साथ एक साल पहले गांव के ही एक व्यक्ति ने दुष्कर्म को अंजाम दिया था जिसको लेकर आरोपी व उसके तीन और साथियों पर मुकदमा दर्ज हो चुका है लेकिन आज तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़िता के साथ एक साल पहले हुई रेप की घटना के साक्ष्य मिटाने को लेकर एक साल के अंदर पीड़िता व उसके परिवार के ऊपर आरोपी कई बार हमला कर चुके हैं।जिसमें कुछ दिन पहले ही पीड़िता व उसकी मां पर शाम के वक्त आरोपियों ने मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया पीड़िता ने मुकदमा वापस लेने से इंकार कर दिया। बात ना बनते देख आरोपियों ने पीड़िता व उसकी मां के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया जिससे पीड़िता और उसकी मां के सर पर गंभीर चोट आई थी। जिनको आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमौली में भर्ती किया गया जहां से मामूली उपचार के बाद इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया था। जिला अस्पताल में कई दिन चले इलाज के बाद हालत में सुधार देख चिकित्सकों ने अस्पताल से बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया।रेप पीड़िता को डिस्चार्ज हुए अभी दो दिन  नहीं बीते कि पीड़िता की हालत फिर से खराब हो गई। रेप पीड़िता की हालत बिगड़ते देख उसे फिर एक बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमौली में भर्ती किया गया।
अब सवाल यह उठता है कि क्या रेप पीड़िता को सही इलाज नहीं मिला जिससे पीड़िता व उसकी मां की हालत एक बार फिर बिगड़ गई?
रेप पीड़िता अस्पतालों के चक्कर लगाकर जिंदगी और मौत से लड़ रही है।वहीं पीड़िता पक्ष से आरोप यह भी लग रहे हैं कि प्रशासन इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। अगर ऐसा है तो प्रशासन को किसका और किस प्रकार का दबाव है जिसके कारण रेप के आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी है? आखिर रेप की पीड़िता को न्याय और सही चिकित्सा कब मुहैया होगी?
पीड़िता ने बताया कि आरोपियों द्वारा घटना के साक्ष्यों को मिटाने के लिए तरह-तरह के जाल बिछाये जा रहे हैं। उन्नाव रेप कांड जैसे ही फतेहपुर में भी रेप पीड़िता व उसके परिवार के साथ हमले हो रहे हैं और उन्नाव रेप कांड जैसे ही घटना के साक्ष्यों को मिटाने के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।वहीं पुलिस मामले में मामूली मारपीट दर्शाती नजर आ रही है।रेप पीड़िता ने बताया कि एक वर्ष पहले गांव के ही पूर्व प्रधान रामकिशन फौजी नाम के व्यक्ति ने उसके साथ दबाव बनाकर बलात्कार की घटना को अंजाम दिया था।जिसके बाद पीड़िता की तहरीर पर थाना चांदपुर में मुकदमा भी दर्ज हो चुका है जिसके बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। आरोपियों ने पीड़िता से मुकदमा वापस लेने के लिए भी दबाव बना चुके हैं पीड़िता ने बताया कि उसने जब मुकदमा वापस लेने से मना किया तो आरोपियों ने 4 सितंबर को उसके घर पर रात में हमला कर दिया और पीड़िता और उसकी मां को मारने लगे जिससे पीड़िता और उसकी मां गंभीर घायल हो गई थी जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमौली में उपचार के लिए लाया गया जहां पाया गया कि पीड़िता के सर पर गंभीर चोटें आई थी। पीड़िता व उसकी मां की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों मामूली उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था। जिला अस्पताल में रेप पीड़िता व उसकी मां का कई दिन तक इलाज चला। पीड़िता की हालत पर सुधार देखते हुए जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कर दिया था। जिला अस्पताल में सही इलाज ना मिल पाने के कारण डिस्चार्ज के दो दिन बीते नहीं की पीड़िता व उसकी मां की हालत फिर से बिगड़े नहीं लगी। हालत बिगड़ते देख परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमौली में भर्ती करवाया जहां हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने फिर से जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जब इसकी जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी पुष्कर कटियार से ली गई तो उन्होंने बताया कि पीड़िता को मामूली सिर दर्द और उल्टी हो रही थी जिन्हें उपचार के बाद जिला अस्पताल सदर के लिए भेज दिया गया है।

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