स्पाइडरमैन फिल्म देखकर शुरू की प्रैक्टिस, बन गया कानपुर का स्पाइडरमैन
कानपुर में गोविंद नगर के दादा नगर कॉलोनी निवासी यशार्थ सिंह गौड़ 8 साल की उम्र में ही कानपुर के स्पाइडर-बेबी बन गए हैं। छोटी बड़ी दीवारों पर ऐसे चढ़ जाते हैं जैसे लोग सीढ़ियों पर चढ़ते हों।
10 से 12 फीट ऊंची दीवार को वह पलक झपकते अपने पैरों से नाप देते हैं। कक्षा तीन के छात्र यशार्थ घर में पहले छुप-छुपकर दीवारों पर चढ़ा करते थे। दीवार पर चढ़कर उल्टा लटक जाते थे।
बिजली के खंभों पर चढ़ जाते। एक दिन बड़े भाई कार्तिकेय ने मां गरिमा को इसकी जानकारी दी। पिता शैलेंद्र सिंह ने कई बार डांटा पर असर नहीं हुआ।
एक दिन यथार्थ ने अपनी फेसबुक आईडी पर वीडियो डाल दिया जिसे एक महीने में 5,40,000 लोगों ने देखा। एक लाख एक हजार लाइक व एक लाख कमेंट आए। यह देख घरवाले हैरान हो गए।
यशार्थ ने बताया कि स्पाइडर-मैन मूवी देख कर प्रैक्टिस शुरू की। कई बार गिरे पर किसी को नहीं बताया। अब कॉलोनी के लोग मुझे कहते हैं कानपुर का स्पाइडर-मैन।



