उ०प्र० के लगभग 25000 मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों के परिवारों पर रोज़ी ,रोटी का संकट

उ०प्र० के लगभग 25000 मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों के परिवारों पर रोज़ी ,रोटी का संकट

रिपोर्ट- धरमवीर सिंह

नेशनल मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष आरिफ उस्मानी ने बताया और सबका विश्वास का नारा देने वाली सरकार ने उत्तर प्रदेश में मदरसा आधुनिकीकरण योजना में कार्यरत उत्तर प्रदेश के लगभग 25000 आधुनिकीकरण शिक्षकों को पिछले लगभग 48 माह से वेतन नहीं दिया है जिस कारण शिक्षक भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।
 उत्तर प्रदेश में लगभग 9000 मदरसों में मदरसा आधुनिकीकरण योजना में अच्छादित किया गया है जिसको लॉट बाइस पास किया गया है जिसका क्रम 1446, 2108, 849 ,1891, 456 ,273, 672 और 1506 है जिसमें लगभग 25000 आधुनिकीकरण शिक्षक बच्चों को हिंदी ,अंग्रेजी ,गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, और कंप्यूटर आदि की शिक्षा प्रदान करते हैं।
आधुनिकीकरण शिक्षकों का वेतन ना मिला उनके मौलिक अधिकारों का हनन है जो आप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा हमने सरकार को जगाने के लिए जनपद से लेकर राजधानी तक आंदोलन किए हैं और लगातार करते रहेंगे।
 प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया कि पिछले 48 माह से वेतन ना मिलने से आधुनिकीकरण शिक्षकों की हालत बद से बदतर हो गई है जिसका कोई हल सरकार द्वारा अभी तक नहीं निकाला गया हमारा केंद्र व राज्य सरकार से अनुरोध है कि मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों का वेतन जल्द से जल्द जारी किया जाए।
  इस महामारी में मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की हालत बद से बदतर हो गई है जिसका मूल कारण उनका वेतन ना मिलना है आखिर भारत सरकार का मानव संसाधन विकास मंत्रालय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों का बकाया वेतन क्यों नहीं देना चाहता अभी तक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों को लगभग 48 माह से वेतन नहीं मिला है।
 मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों का लगभग 48 माह से वेतन नहीं मिला है जिस कारण शिक्षक भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं हमारा भारत सरकार से यह अनुरोध है कि मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों का वेतन जल्द से जल्द जारी किया जाए जिससे वे अपना और अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें।

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