विद्यालय खोलने का दावा फेल, पूर्व माध्यमिक विद्यालय पहाड़ीपुर के शिक्षक नदारद(education)

पूर्व माध्यमिक विद्यालय पहाड़ीपुर के शिक्षक नदारद 

रिपोर्ट- धरमवीर सिंह/ ब्यूरो फतेहपुर

फतेहपुर/देवमई- उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के चलते प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों की बल्ले-बल्ले है| जहां एक तरफ कोविड-19 के चलते किसान व्यापारी एवं निम्न मध्यम वर्ग का समाज जीविकोपार्जन के लिए त्राहि-त्राहि कर रहा है| वहीं दूसरी ओर 50,000 रुपए के वेतन भोगी सरकारी अध्यापक सरकार के आदेश जारी होने के बाद भी घर पर बैठे मौज उड़ा रहे हैं| ताजा मामला देवमई विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय पहाड़ीपुर एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय पहाड़ीपुर का ही है| जहां पर दोनों विद्यालय को मिलाकर लगभग पंद्रह अध्यापक नियुक्त हैं परंतु मौके पर केवल पांच अध्यापक ही मौजूद मिले| मौके पर प्राथमिक विद्यालय जिसमें शिक्षा मित्रों सहित लगभग सात अध्यापकों की नियुक्ति है वहां पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार शिक्षामित्र मीना वर्मा और दिनेश सिंह मौजूद थे| वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय की ओर देखा गया जहां पर आठ अध्यापक नियुक्त होने के बावजूद केवल सहायक अध्यापक पवन कुमार अग्निहोत्री, शिव स्वरूप मिश्रा एवं अनुदेशक अजय कुमार ही मौजूद मिले| विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शकीला बेगम भी नदारद रही| इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका शिल्पी शर्मा, रिचा शर्मा, वंदना सिंह संचिता दत्ता एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शकीला बेगम के साथ सहायक अध्यापक बृजेश सागर, धनंजय कॉल, अनुदेशक किरण सिंह एवं विभा आदि ने विद्यालय को अपने पूर्वजों की परिपाटी बना रखी है| और तो और विद्यालय के अध्यापक उपस्थित रजिस्टर में अग्रिम तारीखों में भी हस्ताक्षर मौजूद मिले जो तारीखें अभी आगे आने वाली है| इससे साफ जाहिर होता है कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ऐसे ही इन अध्यापकों पर रहमों करम करती रही तो जल्द ही देश का प्रत्येक नागरिक द्वापर युग का सुदामा बन जाएगा| इस विषय में एबीएसए देवमई कृपाशंकर यादव से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मैं नित्य किसी ना किसी विद्यालय के निरीक्षण पर जाता हूं परंतु यह मामला संज्ञान में नहीं है| जल्द ही अनुपस्थित अध्यापकों पर कार्यवाही की जाएगी| इन अध्यापकों की कार्यवाही से ही जनपद के शिक्षा का स्तर एवं राज्य सरकार के कठोर नियमों का स्तर आम जनमानस स्वयं जान जाएगा|

संपादक के बारे में

Scroll to Top