आजादी का पावन पर्व – रचना प्रतिमा उमराव (Pratima Umarao)

रचनाकार प्रतिमा उमराव
कविता

आजादी का पावन पर्व
आया दिन आजादी का, 
पावन पर्व सुहाना है । 
लेकिन घर पर रह कर, 
बच्चों यह जश्न मनाना है ।। 
15 अगस्त 1947 को, 
देश हुआ था आजाद । 
वीर शहीदों को मिलकर , 
आओ कर लें हम याद । 
व्यर्थ नहीं जायेगी कुर्बानी,
यह सबने मन में ठाना है ।। 
लेकिन घर पर रह कर , 
बच्चों यह जश्न मनाना है। 
आया दिन आजादी……… 
झंडा ऊँचा रहे सदा, 
भारत की ऊँची शान हो। 
मातृभूमि के खातिर बच्चों, 
अद्वितीय करो तुम काम हो। 
उत्साह, उमंग से भरकर , 
प्रगति पथ पर बढ़ते जाना है।। 
लेकिन घर पर रह कर, 
बच्चों यह जश्न मनाना है। 
आया दिन आजादी का…… 
देश -प्रेम को ह्रदय में अपने, 
सर्वोपरि तुम रख लेना । 
भगत सिंह,आजाद,विस्मिल को, 
कभी नहीं विस्मृत होने देना। 
गांधी, दयानन्द जी के सपनों का 
भारत तुम्हें बनाना है ।। 
लेकिन घर पर रह कर बच्चों, 
यह जश्न मनाना है ।
 
आया दिन आजादी का…….. 
रचनाकार 
प्रतिमा उमराव (स०अ०) 
कम्पोजिट विद्यालय अमौली (उ०प्रा० विद्यालय अमौली) 
शिक्षा क्षेत्र- अमौली
जनपद- फतेहपुर

संपादक के बारे में

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