शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा की बेटी ने लिया बड़ा फैसला, जानकर हर भारतीय को होगा गर्व

शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा की बेटी ने लिया बड़ा फैसला, जानकर हर भारतीय को होगा गर्व
कानपुर एनकाउंटर में शहीद सीओ बिल्हौर देवेन्द्र मिश्रा का ऑडियो और शिकायत पत्र सोशल मीडिया पर बहुत तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो और शिकायत पत्र को देखने के बाद शहीद देवेंद्र मिश्रा की बेटी वैष्णवी मिश्रा ने कहा मैं पहले डॉक्टर बनना चाहती थी लेकिन इस घटना ने मुझे पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। अब मैं अपने पिता की तरह पुलिस में भर्ती होकर ऐसे अपराधियो को सबक सिखाऊंगी। मैं अपने पिता के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दूंगी।
नौ माह बाद सीओ देवेंद्र मिश्र की थी रिटायरमेंट
मूलरूप से बांदा के गिरवां, महेवा निवासी सीओ देवेंद्र कुमार मिश्रा अपनी पत्नी आशा व दो बेटियों वैष्णवी तथा वैशार्दी के साथ मेडिकल कॉलेज कैंपस के पॉमकोट अपार्टमेंट में रहते थे। वैष्णवी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेेज में मेडिकल की तैयारी कर रही है, जबकि छोटी बेटी अभी इंटर में है।
देवेंद्र केे दो छोटे भाई राजीव मिश्रा और आरडी मिश्रा हैं। राजीव मिश्रा डाकघर में नौकरी करते है जबकि आरडी मिश्रा पूर्व प्रधान रह चुके हैं। राजीव ने बताया कि देवेंद्र वर्ष1980 में दरोगा बने थे। वर्ष 2007 में वह उन्नाव के अचलगंज थाने में तैनात किये गए थे। वहीं से प्रोन्नत होकर इंस्पेक्टर बने।
इसके बाद कानपुर में मूलगंज, रेलबाजार, नजीराबाद, किदवईनगर, बर्रा थाने का चार्ज भी संभाला था। वर्ष 2016 में गाजियाबाद के मोदीनगर में बतौर क्षेत्राधिकारी तैनाती मिली थी। नौ महीने बाद सीओ देवेंद्र मिश्रा का रिटायरमेंट था। परिजनों ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते वे घर नहीं आते थे। वीडियो कॉलिंग से पत्नी और बेटियों से बातचीत करते थे। परिजनों को सुबह न्यूज से उनके शहीद होने की खबर मिली।
बता दें कि गुरुवार की रात चौबेपुर के बिकरू गांव में कुख्यात अपराधी विकास दुबे को पकड़ने के लिए गई पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। घटना के बाद डीजीपी ने यूपी के सभी जिलों में अलर्ट जारी कर विकास को पकड़े के लिए सात हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को लगाया है।

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