Bhagwat Katha: सरहन खुर्द में गीता पाठ का भव्य आयोजन, श्रद्धालुओं ने पाया आध्यात्मिक आनंद

फतेहपुर (अमौली ब्लॉक) – आस्था और भक्ति से ओत-प्रोत माहौल में सरहन खुर्द ग्राम पंचायत में भव्य भगवतगीता पाठ का आयोजन किया गया। इस पवित्र आयोजन के सूत्रधार लघु चंद द्विवेदी उर्फ पप्पू रहे, जिन्होंने श्रद्धालुओं को गीता के ज्ञान से लाभान्वित करने हेतु इस अनूठे कार्यक्रम का आयोजन किया।

बाल व्यास गोपाल द्विवेदी ने भावपूर्ण कथा से मोहा मन
इस धार्मिक आयोजन में अकबरपुर के सुप्रसिद्ध बाल व्यास गोपाल द्विवेदी ने गीता पाठ प्रस्तुत किया। उनके ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों ने उपस्थित भक्तों को भक्ति-रस में सराबोर कर दिया। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों की व्याख्या करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के अमर उपदेशों को सरल भाषा में समझाया। श्रद्धालु उनकी कथा सुनकर भावविभोर हो उठे और समूचा वातावरण हरि भक्ति और भजन-कीर्तन से गूंज उठा।

भक्तों का उमड़ा सैलाब
गीता पाठ के इस पावन अवसर पर न केवल स्थानीय ग्रामीणों बल्कि आसपास के कई गाँवों से श्रद्धालुओं का भारी जनसमूह उमड़ा। भक्तों ने गीता महिमा का श्रवण कर अपने जीवन को सार्थक बनाने का संकल्प लिया। आयोजन स्थल पर पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यक्रम की विशेषता इसकी भव्यता ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के प्रतिष्ठित गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति भी रही। इस अवसर पर कई विशिष्ट व्यक्ति श्रद्धालुओं के बीच उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से एंटी करप्शन एसडीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सचान, कैप्टन अरविंद कुमार द्विवेदी (पूर्व आईएएस अधिकारी), जितेंद्र तिवारी (पूर्व प्रधान, कुलखेड़ा), सिद्ध गोपाल तिवारी, मिथिलेश पांडे, सेवालाल पाल (पूर्व प्रधान, सरहन खुर्द), विजय द्विवेदी, अमन दीप सचान, अर्पित, शैलेश इन सभी अतिथियों ने भगवतगीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इस आयोजन की सराहना की और इसे समाज के नैतिक व आध्यात्मिक उत्थान के लिए प्रेरणादायक बताया।

विशेष आरती और महाप्रसाद वितरण
कार्यक्रम के समापन पर विशेष आरती का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से भाग लिया। आरती की पावन ध्वनि से पूरा वातावरण गुंजायमान हो गया। इसके पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिससे श्रद्धालुओं में हर्षोल्लास का संचार हुआ।

भविष्य में भी जारी रहेंगे धार्मिक आयोजन
कार्यक्रम आयोजकों ने यह संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों की श्रृंखला जारी रखी जाएगी, जिससे समाज में सद्भाव, धार्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार होता रहे।

— संवाददाता, फतेहपुर

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