फतेहपुर/अमौली: कुलखेड़ा गांव में आयोजित कथा में व्यास गोपाल जी महाराज ने भगवान की लीलाओं का वर्णन किया, उन्होंने यशोदा मां के साथ बालपन की शरारतें, भगवान श्रीकृष्ण का गौ प्रेम, कालिया नाग मर्दन, गोपियों का प्रसंग सहित अन्य कई प्रसंगों का कथा के दौरान वर्णन किया, कंस का आमंत्रण मिलने के बाद भगवान श्री कृष्ण बड़े भाई बलराम जी के साथ मथुरा को प्रस्थान करते हैं,
श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा व्यास द्वारा बीच-बीच में सुनाए गए भजन पर श्रोता भाव विभोर हो गए, कथा व्यास ने बताया कि भागवत कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है, कलयुग की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि कलयुग में मानस पुण्य तो सिद्ध होते हैं, परंतु मानस पाप नहीं होते। कलयुग में हरी नाम से ही जीव का कल्याण हो जाता है, कलयुग में ईश्वर का नाम ही काफी है,
सच्चे हृदय से हरि नाम के सुमिरन मात्र से कल्याण संभव है, इसके लिए कठिन तपस्या और यज्ञ आदि करने की आवश्यकता नहीं है, जबकि सतयुग, द्वापर और त्रेता युग में ऐसा नहीं था, इस मौके पर प्रदीप त्रिपाठी, जितेंद्र त्रिपाठी, सुरेश त्रिपाठी, विवेक त्रिपाठी, उमेश त्रिवेदी, सत्यनारायण शुक्ला, लवकुश तिवारी, रजोल मिश्रा, दिनेश तिवारी, सुनील मिश्रा, राकेश शुक्ला, राजेन्द्र दीक्षित, संतोष त्रिपाठी, सहित कई लोग मौजूद रहे.
रिर्पोट: अमन दीप सचान


