फतेहपुर: अभी हाल ही में अमौली ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरहन खुर्द में हुए घोटाले का एंटी करप्शन एंड सोशल डेवलपमेंट काउंसिल ने खुलासा किया था, जिसको लेकर एंटी करप्शन ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी व डीसी मनरेगा को पत्र लिखकर मामला संज्ञान में लेने के लिए कहा था,
और जो सरकारी धन चकरोट पुराई के नाम पर प्रधान व सचिव के द्वारा फर्जीवाडा करके निकाला गया था, उसकी जांच कर रिकवरी कराने की मांग की थी, लेकिन मामला सुर्खियों में आने के बाद प्रधान व सचिव के द्वारा 06 जुलाई को रात्रि में करीब 10 बजे मजदूर लगाकर विशंभर के घर से घसीटे के खेत तक मिट्टी की पुराई कराई गई, जिसकी सूचना ग्रामीणों ने एंटी करप्शन को दी,
तो वही राष्ट्रीय महासचिव के द्वारा रात्रि में ही जिलाधिकारी व डीसी मनरेगा को सूचित किया गया, वही एंटी करप्शन एसडीसी के राष्ट्रीय महासचिव प्रशांत बाजपेई ने बताया कि ग्राम पंचायत सरहन खुर्द में रात्रि में हुए कार्य की, जानकारी उसी समय जिलाधिकारी व डीसी मनरेगा को दे दी गई थी, और उन्होंने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी अमौली को भी सूचना देने के लिए फोन किया गया,
लेकिन उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया था, वहीं मामला अधिकारियो के संज्ञान में आने के बाद खंड विकास अधिकारी अमौली विपुल विक्रम सिंह जांच करने पहुंचे और बताया कि प्रधान व सचिव के द्वारा किए गए घोटाले का मामला एंटी करप्शन के द्वारा उजागर हुआ, तो प्रधान व सचिव ने मामला दबाने के लिए 06 जुलाई को रात्रि में 10 बजे मजदूर लगाकर चकरोट की पुराई के नाम पर खानापूर्ति की है।
और जो सरकारी धन चकरोट पुराई के नाम पर प्रधान व सचिव के द्वारा फर्जीवाडा करके निकाला गया था, उसकी जांच कर रिकवरी कराने की मांग की थी, लेकिन मामला सुर्खियों में आने के बाद प्रधान व सचिव के द्वारा 06 जुलाई को रात्रि में करीब 10 बजे मजदूर लगाकर विशंभर के घर से घसीटे के खेत तक मिट्टी की पुराई कराई गई, जिसकी सूचना ग्रामीणों ने एंटी करप्शन को दी,
तो वही राष्ट्रीय महासचिव के द्वारा रात्रि में ही जिलाधिकारी व डीसी मनरेगा को सूचित किया गया, वही एंटी करप्शन एसडीसी के राष्ट्रीय महासचिव प्रशांत बाजपेई ने बताया कि ग्राम पंचायत सरहन खुर्द में रात्रि में हुए कार्य की, जानकारी उसी समय जिलाधिकारी व डीसी मनरेगा को दे दी गई थी, और उन्होंने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी अमौली को भी सूचना देने के लिए फोन किया गया,
लेकिन उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया था, वहीं मामला अधिकारियो के संज्ञान में आने के बाद खंड विकास अधिकारी अमौली विपुल विक्रम सिंह जांच करने पहुंचे और बताया कि प्रधान व सचिव के द्वारा किए गए घोटाले का मामला एंटी करप्शन के द्वारा उजागर हुआ, तो प्रधान व सचिव ने मामला दबाने के लिए 06 जुलाई को रात्रि में 10 बजे मजदूर लगाकर चकरोट की पुराई के नाम पर खानापूर्ति की है।
Aman Deep Sachan
Editor In Chief

