1- दिल्ली
3- उत्तराखण्ड
4-हिमांचल प्रदेश
Chandra Grahan : नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण का नजारा दिखा। चंद ग्रहण अब समाप्त हो चुका है। चंद्र ग्रहण शाम पांच बजकर 20 मिनट पर चंद्र ग्रहण दिखना आरंभ हुआ था। यह चंद्र ग्रहण शाम छह बजकर 19 मिनट पर समाप्त हो गया। दीपावली के मौके पर सूर्य ग्रहण के बाद आज साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगा है। साल के अंतिम चंद्र ग्रहण का भारत में मोक्ष काल नाज़ आया। यह साल का आखिरी चंद्र ग्रहण था।
अब अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर, 2025 को नजर आएगा, हालांकि इससे पहले अक्टूबर 2023 में, भारत में एक छोटा आंशिक ग्रहण भी देखा जा सकता है।
अब अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर, 2025 को नजर आएगा, हालांकि इससे पहले अक्टूबर 2023 में, भारत में एक छोटा आंशिक ग्रहण भी देखा जा सकता है।
लोग चंद्र ग्रहण को देखने के लिए काफी उत्साहित दिखाई दिए। वहीं, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में ग्रहण के चलते सूतक काल में मंदिर के कपाट बंद रहे। भारत में सबसे पहले अरुणालच प्रदेश में चंद्र ग्रहण देखा गया। इसके बाद यह गुवाहाटी, रांची, पटना, सिलीगुड़ी, कोलकाता में भी चंद्र ग्रहण दिखाई दिया। चंद्र ग्रहण में मंदिरों के कपाट रहे बंद चंद्र ग्रहण के चलते प्रदेशभर के सभी मंदिरों के कपाट बंद रहे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण लगना शुभ नहीं माना जाता है।
धार्मिक नजरिए से जब भी ग्रहण लगता है तो सूतक काल लग जाता है। सूतक को अशुभ समय माना गया है, जिसमें किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है। सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ करने की मनाही होती है और मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिये जाते हैं। ग्रहण के बाद मंदिरों और घरों में साफ सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
धार्मिक नजरिए से जब भी ग्रहण लगता है तो सूतक काल लग जाता है। सूतक को अशुभ समय माना गया है, जिसमें किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है। सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ करने की मनाही होती है और मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिये जाते हैं। ग्रहण के बाद मंदिरों और घरों में साफ सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।




